भारत ने आपदा के समय श्रीलंका के साथ खड़े रहते हुए अपनी ‘Neighbourhood First’ नीति को एक बार फिर व्यवहार में उतारा है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुर कुमार दिसानायके और विदेश मंत्री विजिता हेराथ की मौजूदगी में उत्तरी प्रांत के किलिनोच्ची ज़िले में 120 फुट लंबे ड्यूल कैरिजवे बेली ब्रिज का उद्घाटन किया। साइक्लोन डिटवाह से बुरी तरह प्रभावित इस क्षेत्र में 110 टन वजनी बेली ब्रिज को भारत से एयरलिफ्ट कर #OperationSagarBandhu के तहत रिकॉर्ड समय में स्थापित किया गया, जिससे स्थानीय लोगों को आवागमन और राहत कार्यों में बड़ी सुविधा मिली।
भारत ने साइक्लोन डिटवाह से प्रभावित श्रीलंका के उत्तरी प्रांत के किलिनोच्ची ज़िले में 120 फुट लंबा बेली ब्रिज स्थापित कर मानवीय सहयोग की मिसाल पेश की है। इस पुल के उद्घाटन के अवसर पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि यह परियोजना भारत की ‘Neighbourhood First’ नीति की भावना को दर्शाती है, जिसके तहत आपदा के समय पड़ोसी देशों की मदद को प्राथमिकता दी जाती है।
बेली ब्रिज का उद्घाटन
भारत ने एक बार फिर संकट के समय श्रीलंका की मदद कर अपनी ‘Neighbourhood First’ नीति को मजबूत किया है। साइक्लोन डिटवाह से प्रभावित उत्तरी श्रीलंका के किलिनोच्ची ज़िले में भारत ने एयरलिफ्ट के जरिए 10 टन वजनी 120 फुट लंबा बेली ब्रिज पहुंचाया, जिससे स्थानीय लोगों की आवाजाही और राहत कार्यों में बड़ी सहूलियत मिली। इस पुल का उद्घाटन विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने श्रीलंका के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी में किया और इसे आपदा के समय भारत की त्वरित मानवीय सहायता का प्रतीक बताया।
भारत–श्रीलंका रिश्तों को नई मजबूती
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने साइक्लोन डिटवाह के बाद श्रीलंका के पुनर्निर्माण के लिए भारत की ओर से 450 मिलियन अमेरिकी डॉलर के व्यापक सहायता पैकेज की घोषणा की है, जिसमें 350 मिलियन डॉलर की रियायती लाइन ऑफ क्रेडिट और 100 मिलियन डॉलर की अनुदान सहायता शामिल है। उन्होंने बताया कि शुरुआती राहत चरण में भारत ने लगभग 1100 टन राहत सामग्री के साथ 14.5 टन दवाइयाँ और मेडिकल उपकरण श्रीलंका भेजे हैं।
Jointly inaugurated with FM @HMVijithaHerath in the presence of President @anuradisanayake, a 120-foot dual carriageway Bailey Bridge in the Kilinochchi District of Northern Province, one of the areas severely affected by Cyclone Ditwah.
The 110 tonnes bridge was airlifted from… pic.twitter.com/3sNkJX8oRN
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) December 23, 2025
यह सहायता पैकेज श्रीलंका सरकार के साथ मिलकर अंतिम रूप दिया जा रहा है, ताकि सबसे ज़रूरी बुनियादी ढांचे और पुनर्निर्माण कार्यों पर प्राथमिकता से काम किया जा सके। यह कदम न केवल भारत–श्रीलंका संबंधों को और मज़बूत करता है, बल्कि संकट की घड़ी में पड़ोसी देशों के लिए सबसे पहले खड़े होने की भारत की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।
