अंतरिक्ष एजेंसी NASA अपने विशाल चंद्र रॉकेट को अंतरिक्ष यात्रियों के सवार होने से पहले जांच और मरम्मत के लिए इस सप्ताह फिर से हैंगर में वापस ले जाने जा रही है। एजेंसी के मुताबिक कम से कम अप्रैल तक इसकी उड़ान टाल दी गई है। मौसम अनुकूल रहने पर मंगलवार को Kennedy Space Center परिसर में रॉकेट को लौटाने का लक्ष्य रखा गया है। दरअसल, नासा ने बृहस्पतिवार को खतरनाक हाइड्रोजन ईंधन रिसाव को रोकने के लिए दोबारा परीक्षण किया था, लेकिन इसी दौरान रॉकेट की हीलियम प्रणाली में खराबी सामने आ गई। इस तकनीकी समस्या के कारण आधी सदी से अधिक समय बाद होने वाली अंतरिक्ष यात्रियों की पहली चंद्र यात्रा एक बार फिर टल गई है।
अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने अपने विशाल चंद्र रॉकेट को तकनीकी खराबी के चलते दोबारा केनेडी स्पेस सेंटर के व्हीकल असेंबली बिल्डिंग में लौटाने का फैसला किया है। बताया जा रहा है कि हाइड्रोजन के रिसाव और हीलियम प्रणाली में आई बाधा के कारण मिशन की तैयारी प्रभावित हुई है, जिसके चलते उड़ान अब कम से कम अप्रैल तक टाल दी गई है।
चंद्र मिशन आर्टेमिस-2 की लॉन्चिंग टली
NASA के आर्टेमिस मिशन को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। चंद्रमा पर मानव भेजने के लिए तैयार किया गया आर्टेमिस-2 रॉकेट नई तकनीकी गड़बड़ी के कारण लॉन्च पैड से वापस असेंबली बिल्डिंग में ले जाया गया है। दरअसल, परीक्षण के दौरान रॉकेट के ऊपरी चरण में हीलियम प्रवाह से जुड़ी समस्या सामने आई, जो ईंधन टैंकों के दबाव और इंजन की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी मानी जाती है। इस खराबी के बाद वैज्ञानिकों ने एहतियातन लॉन्च तैयारियां रोक दीं और अब सिस्टम की जांच-मरम्मत की जा रही है। पहले मिशन को मार्च 2026 में उड़ान भरनी थी, लेकिन नई गड़बड़ी के चलते इसे टालकर अप्रैल तक के लिए आगे बढ़ा दिया गया है।
लॉन्च से पहले आई नई तकनीकी अड़चन
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के इंजीनियरों ने पहले हाइड्रोजन रिसाव की समस्या पर काबू पा लिया था और प्रक्षेपण के लिए छह मार्च की नई तिथि तय कर दी थी, जबकि लॉन्च पहले ही एक महीने विलंबित हो चुका था। हालांकि, इसी बीच हीलियम प्रणाली में अचानक आई खराबी ने मिशन को फिर रोक दिया। इस तकनीकी गड़बड़ी के कारण रॉकेट के ऊपरी चरण तक हीलियम का प्रवाह बाधित हो गया, जबकि इंजन को शुद्ध करने और ईंधन टैंकों में आवश्यक दबाव बनाए रखने के लिए हीलियम बेहद जरूरी होती है। नासा ने अपने बयान में कहा कि समस्या के मूल कारण का पता लगाने और उसे दूर करने के लिए रॉकेट को व्हीकल असेंबली बिल्डिंग में वापस ले जाना जरूरी है, ताकि विस्तृत जांच और मरम्मत की जा सके।
अप्रैल में है लॉन्च का लक्ष्य
अंतरिक्ष एजेंसी NASA ने बताया है कि अप्रैल में प्रक्षेपण का प्रयास करने की तैयारी की जा रही है, हालांकि यह मरम्मत कार्य की प्रगति पर निर्भर करेगा। Artemis II मिशन के लिए चुने गए तीन अमेरिकी और एक कनाडाई अंतरिक्ष यात्री फिलहाल Houston में रहकर प्रशिक्षण और अंतरिक्ष यात्रा की तैयारियां कर रहे हैं। यह मिशन ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि Apollo program के बाद पहली बार इंसान चंद्रमा की ओर उड़ान भरेंगे। अपोलो कार्यक्रम के दौरान 1968 से 1972 के बीच 24 अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा तक भेजा गया था, और अब यह मिशन मानव अंतरिक्ष अन्वेषण के नए दौर की शुरुआत करेगा।
