क्रिसमस से पहले रूस ने यूक्रेन पर किया हमला, दागें 650 ड्रोन और 30 मिसाइलों; नागरिक को नुकसान

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Published On: 23 December 2025

क्रिसमस से कुछ दिन पहले रूस ने यूक्रेन पर अब तक के सबसे बड़े हवाई हमलों में से एक किया, जिसमें 650 से अधिक ड्रोन और 30 से ज्यादा मिसाइलें दागी गईं। इस हमले में 13 अलग-अलग क्षेत्रों में भारी तबाही हुई और तीन लोगों की मौत हुई, जिनमें चार साल का बच्चा भी शामिल है। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने बताया कि हमले का मुख्य लक्ष्य ऊर्जा प्रणाली और नागरिक ढांचा था, जिससे रोज़मर्रा की जिंदगी प्रभावित हुई।

क्रिसमस से ठीक पहले रूस ने यूक्रेन पर अब तक के सबसे बड़े हवाई हमलों में से एक किया, जिसमें 650 से अधिक ड्रोन और 30 मिसाइलों से 13 अलग-अलग क्षेत्रों को निशाना बनाया गया। इस हमले में तीन लोगों की मौत हुई, जिनमें चार साल का बच्चा भी शामिल था।

रूस ने यूक्रेन पर किया हमला

क्रिसमस से कुछ दिन पहले रूस ने यूक्रेन पर अब तक का सबसे बड़ा हवाई हमला किया। इस हमले में रूस ने 650 से अधिक ड्रोन और 30 से ज्यादा मिसाइलें दागीं, जिससे 13 अलग-अलग क्षेत्रों में भारी तबाही हुई। इस हमले में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई और कई अन्य लोग घायल हुए। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने इसे गंभीर स्थिति बताते हुए देशवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी।

 

महिला की मौत

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने बताया कि कीव क्षेत्र में ड्रोन हमले में एक महिला की मौत हुई, जबकि ख्मेलनित्स्की और झितोमिर क्षेत्रों में भी लोग मारे गए। झितोमिर में एक आवासीय इमारत पर ड्रोन गिरने से चार साल के बच्चे की मौत हुई। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। हालांकि यूक्रेनी एयर डिफेंस सिस्टम ने बड़ी संख्या में ड्रोन और मिसाइलें मार गिराईं, फिर भी कई महत्वपूर्ण ठिकाने हमले की चपेट में आ गए। ज़ेलेंस्की ने कहा कि मरम्मत दल और ऊर्जा कर्मी तुरंत मौके पर तैनात कर दिए गए हैं ताकि हालात सामान्य किए जा सकें। उन्होंने इस हमले की समयावधि पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह क्रिसमस से पहले और शांति वार्ताओं के बीच किया गया, जो रूस की मंशा को स्पष्ट दर्शाता है।

रूस पर बनाया दबाव

यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने हाल ही में रूस के हवाई हमलों की निंदा करते हुए कहा कि पुतिन अब भी नागरिकों की हत्या रोकने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से रूस पर कड़ा दबाव डालने की अपील की और कहा कि अब समय आ गया है कि रूस को शांति की ओर मजबूर किया जाए। वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने दावा किया कि रूस शांति के प्रति प्रतिबद्ध है और मियामी में अमेरिकी-रूसी प्रतिनिधिमंडलों की बातचीत “सकारात्मक और रचनात्मक” रही। हालांकि, वास्तविक स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत नजर आ रही है।

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