तुर्की की शांति अपील के बीच रूस ने किया हमला, चोर्नोमोर्स्क बंदरगाह बना निशाना; काला सागर बना संघर्ष का केंद्र

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Published On: 14 December 2025

यूक्रेन-रूस युद्ध के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। रूस ने यूक्रेन के चोर्नोमोर्स्क बंदरगाह पर ताजा हमले किए, जिनमें तुर्की के स्वामित्व वाले कम से कम तीन जहाजों को नुकसान पहुंचा। प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा रिकॉर्ड किए गए वीडियो फुटेज में साफ देखा गया कि एक प्रोजेक्टाइल सीधे बंदरगाह पर खड़े एक जहाज से टकराया। यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक, क्षतिग्रस्त जहाजों में एक पोत ऐसा भी था जो खाद्य आपूर्ति लेकर जा रहा था। इन हमलों को काला सागर क्षेत्र में बढ़ती अस्थिरता और रूस की आक्रामक रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

रूस ने यूक्रेन के चोर्नोमोर्स्क बंदरगाह पर ताजा हवाई हमले किए, जिनमें तुर्की के स्वामित्व वाले कम से कम तीन जहाजों को नुकसान पहुंचा। यह हमला ऐसे वक्त में हुआ है जब तुर्की काला सागर क्षेत्र में सीमित युद्धविराम की अपील कर रहा था। इस घटना के बाद क्षेत्रीय तनाव और गहरा गया है तथा काला सागर में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

रूस ने किया हमला

यह हमला ऐसे समय में हुआ जब तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोआन ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बातचीत के दौरान बंदरगाहों और ऊर्जा ठिकानों को शामिल करते हुए सीमित युद्धविराम की अपील की थी, ताकि क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम किया जा सके। हालांकि रूस के इस हमले ने तुर्की की शांति पहल को बड़ा झटका दिया। तुर्की सरकार ने पुष्टि की है कि यूक्रेन के चोर्नोमोर्स्क बंदरगाह पर तुर्की स्वामित्व वाले जहाजों को नुकसान पहुंचा है, लेकिन राहत की बात यह रही कि इस हमले में किसी भी तुर्की नागरिक के घायल होने की सूचना नहीं मिली है।

 

काला सागर बना संघर्ष का केंद्र

ये हमले रूस की उस हालिया धमकी के बाद सामने आए हैं, जिसमें उसने यूक्रेन को समुद्री रास्तों से पूरी तरह अलग-थलग करने की चेतावनी दी थी। यह चेतावनी तब दी गई थी, जब यूक्रेन ने रूस की तथाकथित “शैडो फ्लीट” को निशाना बनाया था, जिसका उपयोग रूस तेल निर्यात के माध्यम से युद्ध के लिए धन जुटाने में करता है। काला सागर क्षेत्र में बढ़ते हमले न सिर्फ यूक्रेन की अर्थव्यवस्था और वैशश्विक खाद्य आपूर्ति के लिए बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं, बल्कि तुर्की जैसे क्षेत्रीय देशों के लिए भी गंभीर सुरक्षा चिंता का कारण बन रहे हैं।

 

राहत बचाव कार्य जारी

राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है। घटनास्थल पर प्रशासन, आपदा प्रबंधन टीमें और स्थानीय स्वयंसेवक मिलकर हालात को काबू में करने में जुटे हुए हैं। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया जा रहा है, जबकि मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए विशेष उपकरणों की मदद ली जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त बल व संसाधन भी तैनात किए गए हैं।

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