अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नोबेल शांति पुरस्कार को लेकर फिर विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा को मिले नोबेल पुरस्कार पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतिहास में उनसे ज्यादा हकदार कोई नहीं है। ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच बड़ा संघर्ष रोक दिया, लेकिन भारत ने इस दावे को खारिज कर दिया। उन्होंने तेल और गैस कंपनियों के साथ बैठक में कहा कि पिछले साल मई में भारत-पाक तनाव बहुत गंभीर था और “आठ विमान आसमान में मार गिराए गए थे”, हालांकि यह नहीं बताया कि ये विमान किस देश के थे।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में भारत और पाकिस्तान के बीच किसी बड़े संघर्ष को रोकने का श्रेय खुद को देते हुए नोबेल शांति पुरस्कार पर दावा किया और पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा को मिले नोबेल पर सवाल उठाए। ट्रंप ने कहा कि इस मामले में उन्हें सबसे ज्यादा हकदार होना चाहिए।
ट्रंप ने खड़ा किया विवाद
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नोबेल शांति पुरस्कार को लेकर विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष रोकने के लिए पुरस्कार का सबसे बड़ा हकदार माना जाना चाहिए और पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा को मिले नोबेल पर सवाल उठाए। हालांकि, भारत ने ट्रंप के इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया और स्पष्ट किया कि संघर्ष विराम में किसी तीसरे पक्ष की भूमिका नहीं थी।
Trump claims credit for averting wars—from India–Pakistan to others—framing himself as the decisive peacemaker and positioning the Nobel Peace Prize as overdue recognition. pic.twitter.com/rMYT1BK6xk
— Dr.Barlin (@DrBarlin) January 10, 2026
शहबाज शरीफ ने ट्रंप को दिया श्रेय
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान समेत आठ बड़ी जंगें रोकने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने व्हाइट हाउस में मुलाकात के दौरान उन्हें संघर्ष रुकवाने का श्रेय दिया और इससे लाखों लोगों की जान बची। हालांकि, भारत ने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि भारत-पाक संघर्ष विराम पूरी तरह द्विपक्षीय बातचीत का परिणाम था और इसमें किसी तीसरे देश की कोई भूमिका नहीं थी।
भारत ने रुख बनाए रखने का दिया संकेत
अप्रैल में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकियों के ठिकानों पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया, जिसके चलते चार दिन तक दोनों ओर से हमले जारी रहे और 10 मई को आपसी सहमति से संघर्ष विराम हुआ। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने नोबेल शांति पुरस्कार को लेकर पूर्व राष्ट्रपति ओबामा को निशाने पर लिया और कहा कि उन्हें राष्ट्रपति बनते ही यह पुरस्कार दे दिया गया, जबकि उन्होंने कोई खास उपलब्धि नहीं हासिल की। ट्रंप के बयानों से स्पष्ट हुआ कि नोबेल पुरस्कार और भारत-पाक संघर्ष पर अमेरिकी राजनीति में बयानबाज़ी बढ़ रही है, लेकिन भारत ने अपने रुख पर अडिग रहने का संकेत दिया।
