ईरान में हिंसा जारी, विरोध प्रदर्शनों के दौरान 544 हुई मौतें; इंटरनेट सेवा बंद

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Published On: 12 January 2026

ईरान में देशव्यापी प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों की कार्रवाई में अब तक कम से कम 544 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि मृतकों की वास्तविक संख्या इससे अधिक होने की आशंका जताई जा रही है। यह दावा मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने किया है। इसी बीच ईरान की राजधानी तेहरान ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर अमेरिका ने प्रदर्शनकारियों की रक्षा के नाम पर बल प्रयोग किया, तो अमेरिकी सेना और इजराइल को निशाना बनाया जाएगा। अमेरिका स्थित ‘ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज़ एजेंसी’ के अनुसार, पिछले दो सप्ताह से जारी विरोध प्रदर्शनों के दौरान 10,600 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है।

ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों को दबाने के लिए की जा रही सख्त कार्रवाई में मरने वालों की संख्या बढ़कर 544 हो गई है, जिससे देश में मानवाधिकार संकट और गहरा गया है। सुरक्षा बलों की कार्रवाई के दौरान हजारों लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कई इलाकों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई।

ईरान में हिंसा जारी

ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों को कुचलने की कार्रवाई में अब तक 544 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 496 प्रदर्शनकारी और 48 सुरक्षाबल के सदस्य शामिल हैं। देश में इंटरनेट सेवाएं ठप होने और फोन लाइनों के काटे जाने के कारण विदेश से हालात का सही आकलन करना बेहद मुश्किल हो गया है, वहीं ‘एसोसिएटेड प्रेस’ भी मृतकों की संख्या की स्वतंत्र पुष्टि नहीं कर सका है। ईरानी सरकार ने अब तक कुल हताहतों के कोई आधिकारिक आंकड़े जारी नहीं किए हैं और माना जा रहा है कि सूचना पर सख्त पाबंदियों से सुरक्षा एजेंसियों के कट्टरपंथी तत्वों को और अधिक हिंसक कार्रवाई करने का हौसला मिल रहा है।

हालात बने तनावपूर्ण

ऑनलाइन वीडियो से ईरान में लगातार जारी प्रदर्शनों के दृश्य सामने आए हैं। इस बीच व्हाइट हाउस की आंतरिक चर्चाओं से परिचित दो लोगों ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम ईरान के खिलाफ संभावित कदमों पर विचार कर रही है, जिनमें साइबर हमले के साथ-साथ अमेरिका या इजराइल द्वारा सीधे सैन्य कार्रवाई के विकल्प भी शामिल हैं। सार्वजनिक रूप से बयान देने की अनुमति न होने के कारण इन सूत्रों ने नाम उजागर न करने की शर्त पर यह जानकारी दी। वहीं ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा कि सेना इस स्थिति पर गंभीरता से विचार कर रही है और अमेरिका बहुत सख्त विकल्पों पर भी मंथन कर रहा है।

दी कड़ी चेतावनी

ईरान की जवाबी कार्रवाई की धमकियों के बीच संसद में भाषण देते हुए कट्टरपंथी नेता मोहम्मद बाकर कालिबाफ ने अमेरिका और इजराइल को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि ईरान पर हमला हुआ तो उसका जवाब ऐसे स्तर पर दिया जाएगा, जैसा पहले कभी नहीं देखा गया होगा। कालिबाफ ने इजराइल को “कब्जे वाला क्षेत्र” बताते हुए कहा कि ईरान पर हमले की स्थिति में वहां मौजूद सभी अमेरिकी सैन्य ठिकाने, केंद्र और जहाज़ ईरान के वैध लक्ष्य होंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान केवल कार्रवाई के बाद प्रतिक्रिया तक खुद को सीमित नहीं मानेगा, बल्कि किसी भी ठोस खतरे के संकेत पर पहले कदम उठा सकता है। उनके इस बयान के बाद संसद में मौजूद सांसदों ने “अमेरिका मुर्दाबाद” के नारे लगाए।

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