ज्योतिष | 21 अगस्त, गुरुवार का दिन अत्यंत शुभ माना जा रहा है क्योंकि इस दिन अगस्त मास की शिवरात्रि है। इस साल की मासिक शिवरात्रि बेहद खास मानी जा रही है, क्योंकि इस दिन 5 दुर्लभ और शुभ योगों का महासंयोग बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब ऐसे विशेष योग एक साथ बनते हैं तो पूजा और व्रत का फल कई गुना बढ़ जाता है। मान्यता है कि भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए इस दिन किया गया एक छोटा सा पूजन भी भक्तों के लिए अत्यंत कल्याणकारी सिद्ध हो सकता है।
21 अगस्त का दिन बेहद शुभ माना जा रहा है क्योंकि इस दिन हिंदू धर्म में मासिक शिवरात्रि का विशेष महत्व माना गया है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की श्रद्धा से पूजा-अर्चना करने पर सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और भक्त की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
मासिक शिवरात्रि व्रत
हिंदू धर्म में मासिक शिवरात्रि का व्रत विशेष महत्व रखता है। यह व्रत हर माह कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को किया जाता है और इसे भगवान शिव तथा माता पार्वती को समर्पित माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से व्रत और पूजा करने पर भक्तों के सभी दुख दूर होते हैं और जीवन में सुख-शांति व समृद्धि की प्राप्ति होती है। मासिक शिवरात्रि का व्रत करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और शिव-पार्वती की कृपा बनी रहती है।
मुहूर्त
पंचांग के अनुसार भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 21 अगस्त, गुरुवार की दोपहर 12 बजकर 45 मिनट से प्रारंभ होकर 22 अगस्त, शुक्रवार की सुबह 11 बजकर 56 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार व्रत का पालन 21 अगस्त को ही किया जाएगा।
व्रत का महत्व
मासिक शिवरात्रि का व्रत भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा पाने के लिए किया जाता है। यह व्रत हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को रखा जाता है। मान्यता है कि इस व्रत को पूरे श्रद्धा और विधि-विधान से करने पर जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है। इसके साथ ही यह व्रत पापों से मुक्ति दिलाकर मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मासिक शिवरात्रि का व्रत करने से विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति भी होती है।
पूजा विधि
- इस दिन प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और घर के मंदिर या पूजा स्थल को साफ करें।
- भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा या चित्र को स्थापित करें।
- इसके बाद शिवलिंग पर जल और दूध से अभिषेक करें और बेलपत्र, भांग, धतूरा, अक्षत, पुष्प तथा चंदन अर्पित करें।
- पूजन के दौरान शिव चालीसा का पाठ करें और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
- अंत में भगवान शिव की आरती उतारकर उनसे अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना करें।
- यह पूजा श्रद्धा और विश्वास के साथ करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।
भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर मासिक शिवरात्रि मनाई जाएगी, यह अवसर वृषभ, मिथुन, कर्क और धनु राशियों के लिए लाभकारी साबित होगा।
वृषभ राशि
मासिक शिवरात्रि का दिन वृषभ राशि वालों के लिए बेहद शुभ रहने वाला है। इस विशेष अवसर पर भगवान शिव की पूजा और व्रत करने से आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और रुके हुए कार्य पूरे होने लगेंगे। नौकरी और व्यापार में लाभ के नए अवसर प्राप्त होंगे। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी और दांपत्य संबंधों में मधुरता बढ़ेगी
मिथुन राशि
मासिक शिवरात्रि का दिन मिथुन राशि वालों के लिए बेहद शुभ माना जा रहा है। इस विशेष अवसर पर भगवान भोलेनाथ की कृपा से इनके जीवन में नई सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। नौकरी और करियर के क्षेत्र में सफलता मिलने की संभावना है। व्यापारियों को भी लाभ प्राप्त हो सकता है। रुके हुए कार्य पूरे होंगे और पारिवारिक जीवन में खुशहाली बढ़ेगी।
कर्क राशि
मासिक शिवरात्रि का व्रत कर्क राशि वालों के लिए बेहद शुभ साबित होने वाला है। इस दिन भगवान शिव की कृपा से इनके जीवन में रुके हुए कार्यों में तेजी आएगी और आर्थिक लाभ के अवसर प्राप्त होंगे। कर्क राशि के जातकों को करियर और व्यवसाय में सफलता मिलने की संभावना है। जो लोग नौकरी बदलना या नई शुरुआत करना चाहते हैं, उनके लिए यह समय अनुकूल रहेगा।
धनु राशि
मासिक शिवरात्रि का पर्व धनु राशि के जातकों के लिए शुभ परिणाम लेकर आता है। इस दिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना और व्रत करने से धनु राशि वालों को करियर और व्यवसाय में सफलता के अवसर प्राप्त हो सकते हैं। रुके हुए कार्य पूरे होंगे और आर्थिक स्थिति मजबूत होने लगेगी। जिन लोगों को लंबे समय से मानसिक तनाव या स्वास्थ्य संबंधी परेशानी है, उन्हें भी इस दिन भगवान शिव का आशीर्वाद मिलने से राहत मिलेगी।
डिस्केलमर: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं विभिन्न माध्यमों/ ज्योतिषियों/ पंचांग/ प्रवचनों/ मान्यताओं/ धर्मग्रंथों पर आधारित हैं. MPNews इनकी पुष्टि नहीं करता है।
