सावन की तृतीया पर शुभ योगों की बहार, बन रहे धार्मिक कार्यों के श्रेष्ठ मुहूर्त; जानिए क्यों खास है 13 जुलाई!

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Published On: 13 July 2025

ज्योतिष | 13 जुलाई 2025 को सावन माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि है। इस तिथि पर श्रावण नक्षत्र और प्रीति योग का संयोग रहेगा। यह तिथि 12 जुलाई रात्रि में शुरू हो जाएगी, जो 13 जुलाई रात्रि 01:03 बजे तक रहेगी। दिन के शुभ मुहूर्त की बात करें तो रविवार को अभिजीत मुहूर्त 12:59-12:53 मिनट तक रहेगा। राहुकाल शाम 17:34 − 19:16 मिनट तक रहेगा।जब चंद्रमा मकर राशि में संचरण करेंगे, तब कुछ राशियों के शुभ योग व संयोग बनेंगे। श्रवण नक्षत्र और प्रीति योग का सुंदर संयोग बहुत ही शुभकारी माना जाता है, चन्द्रमा के मकर राशि में प्रवेश करने से धार्मिक कार्य, व्रत, पूजा-पाठ और यात्रा आदि के लिए शुभ हो जाता है।

हिंदू पंचांग को वैदिक पंचांग भी कहा जाता है। यह भारतीय संस्कृति और धर्म में समय निर्धारण का प्रमुख माध्यम है। पंचांग के माध्यम से समय, तिथि, ग्रहों की स्थिति, शुभ-अशुभ योग, व्रत-त्योहार, मुहूर्त आदि का सटीक आकलन किया जाता है।

कर्क राशि में चंद्र गोचर

24 जुलाई को सुबह 10:58 बजे चंद्रमा कर्क राशि में प्रवेश करेंगे और 26 जुलाई की दोपहर 3:51 बजे तक वहीं रहेंगे। इस पूरी अवधि में चंद्र देव का अधिकांश समय कर्क राशि में ही बीतेगा। ऐसे में कर्क राशि वालों को इस अवधि में खास लाभ मिलने की संभावना है। आइए जानते हैं कौन सी हैं वो भाग्यशाली राशियां जिन पर चन्द्र अस्त का कोई अशुभ प्रभाव नहीं पड़ेगा।

2025 में चंद्र अस्त (Chandra Asta) की अवधि, 24 जुलाई सुबह 4:44 बजे से 26 जुलाई रात 8:34 बजे तक रहेगी। इस दौरान चंद्रमा कर्क राशि में अधिकांश समय रहेंगे, जो उनकी स्वराशि मानी जाती है, ऐसे में कर्क राशि वालों को इस अवधि में खास लाभ मिलने की संभावना है। आइए जानते हैं कौन सी हैं वो भाग्यशाली राशियां जिन पर चन्द्र अस्त का शुभ प्रभाव पड़ेगा।

कर्क राशि (Cancer)

चंद्रमा की स्वराशि होने के कारण इस अवधि में चंद्र का गोचर कर्क राशि के लिए शुभ फलदायी रहेगा, उनके रुके हुए काम पूरे हो जायेंगे, लोगों में आत्मविश्वास, मानसिक संतुलन और पारिवारिक सुख में वृद्धि हो सकती है। रुके हुए पैसे आने के संभावना है।

वृषभ राशि (Taurus)

चंद्रमा वृषभ राशि में उच्च के होते हैं, और इस अवधि में चंद्र कर्क में होने के कारण भावनात्मक स्थिरता बनी रहेगी। कार्यक्षेत्र में सफलता और परिवार में खुशियां बनी रहेंगी।

कन्या राशि (Virgo)

चंद्र के उदय के साथ ही चंद्रमा कन्या राशि में प्रवेश करेंगे, इसलिए इन जातकों को नई ऊर्जा, निर्णय क्षमता और मानसिक स्पष्टता का लाभ मिलेगा। स्वास्थ्य में सुधार और मानसिक चिंता से राहत संभव है।

मीन राशि (Pisces)

जल तत्व की यह राशि कर्क के साथ त्रिकोण संबंध में आती है, जिससे शुभता बनी रहती है। रचनात्मक कार्यों में सफलता, रोमांटिक जीवन में सुधार और भाग्य का साथ मिल सकता है।

चंद्र अस्त का सामान्य प्रभाव

चंद्र अस्त (Chandra Asta) का सामान्य प्रभाव ज्योतिष शास्त्र में महत्वपूर्ण माना जाता है। जब चंद्रमा अस्त होता है, तो वह सूर्य के अत्यधिक समीप होने के कारण आकाश में दृष्टिगोचर नहीं होता। इसे अस्तंगता भी कहा जाता है। यह काल कुछ कार्यों के लिए अशुभ और निषिद्ध माना जाता है। चंद्र अस्त काल में व्रत, पूजा, शुभ कार्य, मांगलिक कार्यों को टालने की सलाह दी जाती है।

डिस्केलमर: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं विभिन्न माध्यमों/ ज्योतिषियों/ पंचांग/ प्रवचनों/ मान्यताओं/ धर्मग्रंथों पर आधारित हैं. MPNews इनकी पुष्टि नहीं करता है.

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