सोरायसिस में दवाइयों के साथ डाइट भी है जरूरी, जानें किन चीजों से करें परहेज

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Published On: 9 February 2026

त्वचा पर लाल चकत्ते, तेज खुजली, सूखापन और पपड़ीदार परतें बनना सोरायसिस के प्रमुख लक्षण माने जाते हैं। शुरुआत में यह समस्या आम ड्राई स्किन जैसी महसूस हो सकती है, लेकिन समय के साथ यह गंभीर रूप ले लेती है और मरीज को काफी असहज कर देती है। विशेषज्ञों के अनुसार, सोरायसिस केवल दवाओं से ही नहीं बल्कि खानपान से भी प्रभावित होता है। तला-भुना, अत्यधिक मसालेदार भोजन, जंक फूड, शराब और ज्यादा चीनी का सेवन इस बीमारी को बढ़ा सकता है। ऐसे में सोरायसिस से पीड़ित लोगों के लिए यह बेहद जरूरी है कि वे अपनी डाइट पर खास ध्यान दें और उन चीजों से दूरी बनाए रखें जो त्वचा की समस्या को और ज्यादा बढ़ा सकती हैं।

अगर आपकी त्वचा पर लाल चकत्ते या रैशेस निकल रहे हैं, तो यह सिर्फ बाहरी कारणों (जैसे साबुन, डिटर्जेंट या कीटों के काटने) की वजह से नहीं, बल्कि खान-पान में कुछ चीज़ें खाने से भी बढ़ सकते हैं। इसे संतुलित आहार और बेहतर दिनचर्या अपनाने से इसके लक्षणों को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

सोरायसिस क्या है?

सोरायसिस (Psoriasis) एक दीर्घकालिक त्वचा रोग है, जिसमें त्वचा की कोशिकाएं सामान्य से कहीं अधिक तेजी से बनने लगती हैं। इसके कारण त्वचा पर लाल रंग के चकत्ते, सूखापन, खुजली और सफेद या चांदी जैसी पपड़ी दिखाई देती है। यह रोग संक्रामक नहीं होता, लेकिन तनाव, संक्रमण, मौसम में बदलाव और कमजोर इम्यून सिस्टम से इसके लक्षण बढ़ सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार सोरायसिस एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसका पूरी तरह इलाज संभव नहीं है, लेकिन सही दवाओं, जीवनशैली में बदलाव और त्वचा की उचित देखभाल से इसे काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

करें इन चीजों से परहेज

  • तली-भुनी और फास्ट फूड जैसे समोसा, कचौड़ी, पकौड़ी, चिप्स, बर्गर, पिज्जा और बेकरी आइटम का अधिक सेवन शरीर में टॉक्सिन्स की मात्रा बढ़ा देता है। इससे पाचन तंत्र पर नकारात्मक असर पड़ता है और शरीर में अंदरूनी सूजन बढ़ सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे खाद्य पदार्थ त्वचा से जुड़ी समस्याओं को भी बढ़ावा देते हैं, जिसके कारण खुजली, जलन और सूजन जैसी परेशानियां और गंभीर हो सकती हैं।
  • ज्यादा मिर्च-मसाले वाला खाना, जैसे लाल मिर्च, गरम मसाला और अत्यधिक नमक, सोरायसिस (psoriasis) जैसे त्वचा रोग के लक्षणों को ट्रिगर कर सकता है। ऐसे मसाले एवं खट्टे-मिर्ची पदार्थ कुछ लोगों में त्वचा में जलन, लालिमा और तीव्र खुजली को बढ़ा सकते हैं, जिससे सोरायसिस के दाग-धब्बों की स्थिति और भी खराब हो सकती है। इसलिए सोरायसिस से पीड़ित व्यक्तियों को मसालेदार और अत्यधिक लाल मिर्च वाले भोजन के सेवन में सावधानी बरतनी चाहिए ताकि उनकी त्वचा की परेशानियाँ और बुखार जैसी प्रतिक्रियाएँ न बढ़ें।
  • मैदा से बनी चीजें जैसे नूडल्स, सफेद ब्रेड, पिज्जा और अन्य प्रोसेस्ड फूड पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचाते हैं। इनमें फाइबर की मात्रा कम होती है, जिससे कब्ज, गैस और एसिडिटी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। पाचन खराब होने का सीधा असर त्वचा पर भी दिखाई देता है, जिससे मुंहासे, रूखापन और त्वचा की चमक कम होने लगती है। इसलिए अच्छी सेहत और साफ-सुथरी त्वचा के लिए मैदे से बनी चीजों के सेवन से परहेज करना बेहतर माना जाता है।
  • लाल मांस और ज्यादा डेयरी प्रोडक्ट्स का अधिक सेवन सोरायसिस के मरीजों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, रेड मीट, ज्यादा मात्रा में अंडा, फुल क्रीम दूध, चीज और बटर जैसी चीजें शरीर में सूजन बढ़ा सकती हैं, जिससे सोरायसिस के लक्षण और गंभीर हो सकते हैं। इसलिए इस बीमारी से ग्रसित लोगों को संतुलित आहार अपनाने और इन खाद्य पदार्थों का सीमित सेवन करने की सलाह दी जाती है।
  • डॉक्टरों के अनुसार सोरायसिस से पीड़ित मरीजों के लिए शराब और धूम्रपान बेहद नुकसानदायक माने जाते हैं। शराब और सिगरेट का सेवन न सिर्फ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर करता है, बल्कि इससे सोरायसिस के लक्षण और अधिक गंभीर हो सकते हैं। इसके अलावा ये आदतें इलाज के दौरान दी जा रही दवाओं के असर को भी कम कर देती हैं, जिससे बीमारी को नियंत्रित करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में बेहतर स्वास्थ्य और प्रभावी इलाज के लिए शराब और धूम्रपान से दूरी बनाए रखना जरूरी है।
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