लाइफस्टाइल | मानसून का मौसम गर्मी से राहत तो देता है, लेकिन इस दौरान बढ़ी हुई नमी से त्वचा संबंधी समस्याएं बढ़ जाती हैं। हवा में मौजूद नमी के कारण स्किन से ज्यादा तेल (ऑयल) निकलता है, जो पसीने और गंदगी के साथ मिलकर पोर्स को बंद कर देता है। इससे पिंपल्स और ब्लैकहेड्स की समस्या आम हो जाती है। इसका मुख्य कारण ह्यूमिडिटी होने वाला एक्स्ट्रा सीबम प्रोडक्शन और बैक्टीरिया का बढ़ना है। ऐसे में, त्वचा को साफ रखना और छोटी-छोटी सावधानियां अपनाना जरूरी है। साथ ही, सप्ताह में दो बार एंटीबैक्टीरियल फेस पैक लगाने से पिंपल्स की समस्या से बचा जा सकता है।
मानसून में हवा में नमी और गंदगी के कारण पिंपल्स और त्वचा संक्रमण की समस्या बढ़ जाती है। ऐसे में एंटीबैक्टीरियल फेस पैक त्वचा को बैक्टीरिया से बचाने और ऑयल कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं।
पिंपल्स पर ब्रेक
मानसून के दौरान त्वचा संबंधी समस्याएं खासकर पिंपल्स बढ़ने लगते हैं। इसकी एक बड़ी वजह यह है कि बारिश का पानी अक्सर गंदा और प्रदूषित होता है, जो त्वचा के संपर्क में आने पर बैक्टीरिया का संक्रमण फैला सकता है। कई लोग गीले चेहरे को बार-बार हाथ से छूते हैं या त्वचा को सही से सुखाते नहीं हैं, जिससे मुंहासों की समस्या और बढ़ जाती है। ऐसे में त्वचा को बैक्टीरिया से बचाने के लिए नेचुरल एंटीबैक्टीरियल फेस पैक का इस्तेमाल करना बेहद फायदेमंद हो सकता है। यह फेस पैक न सिर्फ त्वचा को साफ करता है बल्कि बैक्टीरिया को खत्म करके पिंपल्स से राहत दिलाने में मदद करता है।
पाएं क्लियर स्किन
बारिश के मौसम में नमी और बैक्टीरिया की वजह से पिंपल्स की समस्या आम हो जाती है। ऐसे में त्वचा को साफ और हेल्दी बनाए रखने के लिए एंटीबैक्टीरियल नीम फेस पैक बेहद फायदेमंद हो सकता है।
बनाने की विधि
इस पैक को बनाने के लिए नीम की पत्तियों को सुखाकर पाउडर तैयार कर लें। एक बाउल में एक-एक चम्मच मुल्तानी मिट्टी, चंदन पाउडर और नीम पाउडर लें। इसमें एक से दो चुटकी हल्दी डालें और गुलाब जल मिलाकर गाढ़ा पेस्ट तैयार कर लें। इस फेस पैक को चेहरे पर लगाने से पिंपल्स की समस्या कम होती है और त्वचा साफ व फ्रेश बनी रहती है।
इस तरह लगाएं फेस पैक
- यह फेस पैक चेहरे और गर्दन दोनों पर लगाया जा सकता है।
- इसे कम से कम इतना समय तक लगाए रखें कि यह लगभग 90% तक सूख जाए।
- सूखने के बाद चेहरे पर हल्का पानी लगाकर या गीले स्पंज से पैक को साफ कर लें।
- बेहतर परिणाम के लिए इसे हफ्ते में दो बार इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है।
- ध्यान रखें कि पैक सूखते समय अधिक बोलने, मुस्कुराने या हंसने से बचें, ताकि त्वचा पर खिंचाव न आए।
