जैसे ही ठंड का मौसम आता है, घर-घर में एक खास सी गुड़ खुशबू फैलने लगती है। कहीं मूंगफली भुन रही होती है, तो कहीं गुड़ पिघलाया जा रहा होता है। सर्दियों में खाने-पीने का मज़ा ही अलग होता है, और इसी मौसम की सबसे प्यारी मिठाइयों में से एक है गुड़ तिल पापड़ी। यह सिर्फ एक मिठाई नहीं, बल्कि बचपन की यादों से जुड़ा हुआ स्वाद है।
गुड़ तिल पापड़ी खासतौर पर मकर संक्रांति और लोहड़ी जैसे त्योहारों पर बनाई जाती है, लेकिन सच कहें तो इसे खाने के लिए किसी खास दिन की ज़रूरत नहीं होती। ठंड के दिनों में यह शरीर को गर्म रखती है और तिल-गुड़ की जोड़ी सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद मानी जाती है।
गुड़ तिल पापड़ी
गुड़ तिल पापड़ी की सबसे अच्छी बात यह है कि इसे बनाने के लिए न तो बहुत सारी चीज़ें चाहिए और न ही कोई खास मशीन। जो सामान लगभग हर भारतीय रसोई में मिल जाता है, उसी से यह स्वादिष्ट मिठाई तैयार हो जाती है। ऊपर से इसमें कोई मिलावट नहीं, कोई प्रिज़र्वेटिव नहीं बस शुद्ध देसी स्वाद। तिल शरीर को गर्मी देता है, जोड़ों के दर्द में राहत देता है और त्वचा के लिए भी अच्छा माना जाता है। वहीं गुड़ पाचन सुधारता है और सर्दियों में एनर्जी बनाए रखता है। यानी स्वाद के साथ सेहत भी।
सामग्री
- सफेद तिल – 1 कप
- गुड़ (कद्दूकस किया हुआ) – ¾ कप
- मूंगफली (भुनी और दरदरी पिसी हुई) – ½ कप
- देसी घी – 2 चम्मच
- इलायची पाउडर – ½ चम्मच
- थोड़ा सा घी
बनाने का आसान तरीका
- सबसे पहले एक कढ़ाही में तिल को धीमी आंच पर हल्का सुनहरा होने तक भून लें।
- ध्यान रहे, तिल जलने न पाएं।
- जब तिल चटकने लगें, तो गैस बंद कर दें और उन्हें एक प्लेट में निकाल लें।
- अब उसी कढ़ाही में देसी घी डालें और उसमें कद्दूकस किया हुआ गुड़ डालें।
- गुड़ को धीमी आंच पर पिघलाएं।
- इसे ज्यादा पकाने की जरूरत नहीं है, बस इतना कि गुड़ पूरी तरह पिघल जाए और हल्का सा झाग आने लगे।
- अब इसमें भुने हुए तिल, पिसी मूंगफली और इलायची पाउडर डालकर जल्दी-जल्दी मिलाएं। गैस बंद कर दें।
- अब एक थाली या प्लेट में हल्का सा घी लगाएं और इस मिश्रण को उसमें फैलाकर बेलन से पतला कर लें।
- ऊपर से हल्का दबाव दें ताकि पापड़ी बराबर फैले।
- जब मिश्रण हल्का गुनगुना रह जाए, तभी चाकू से मनचाहे आकार में काट लें।
- ठंडा होने पर यह अपने आप कुरकुरी हो जाएगी।
खाने का सही मज़ा
गुड़ तिल पापड़ी चाय के साथ खाने में सबसे ज़्यादा मज़ेदार लगती है। इसे एयरटाइट डिब्बे में रखकर 10–12 दिन तक आराम से खाया जा सकता है। बच्चों से लेकर बुज़ुर्गों तक, हर किसी को यह पसंद आती है।
गुड़ तिल पापड़ी बनाना सिर्फ रेसिपी नहीं, बल्कि एक एहसास है। वो एहसास जो सर्दियों की धूप, परिवार के साथ बैठकर चाय पीने और घर की बनी मिठाइयों से जुड़ा होता है। अगर आपने अब तक इसे घर पर नहीं बनाया है, तो इस सर्दी ज़रूर ट्राय करें।
