अगर आप ऐसी रेसिपी ढूंढ रहे हैं जो हल्की भी हो और जिसे बनाना भी बेहद आसान हो तो मूंग दाल कढ़ी आपके लिए परफेक्ट है। बेसन वाली कढ़ी के मुकाबले यह ज्यादा हल्की, पचने में आसान और फ्लेवर में भी बेहद सुकून देने वाली होती है। खासकर उन दिनों में जब मन कुछ सिंपल लेकिन कम्फर्टिंग खाने का करे, यह कढ़ी आपको बिल्कुल घर जैसा गर्माहट भरा एहसास देती है।
मूंग दाल कढ़ी का सबसे बड़ा आकर्षण इसकी स्मूद टेक्सचर और लाजवाब तड़का है, जो इसे और भी खास बना देता है। चाहे आप किचन में नए हों या कई सालों से खाना बना रहे हों, यह रेसिपी हर किसी के लिए आसान है। कम मसालों में बनने वाली यह कढ़ी लंच या डिनर दोनों समय पर शानदार लगती है, और इसे चावल या रोटी के साथ परोसें तो टेस्ट दोगुना हो जाता है।
सामग्री
कढ़ी के लिए:
पीली मूंग दाल – ½ कप
दही – 1 कप
पानी – 3 कप
हल्दी – ½ चम्मच
लाल मिर्च पाउडर – ½ चम्मच
नमक – स्वादानुसार
तड़के के लिए:
घी/तेल – 1-2 चम्मच
जीरा – ½ चम्मच
राई – ½ चम्मच
करी पत्ता – 8-10
हरी मिर्च – 1 (लम्बी कटी)
सूखी लाल मिर्च – 1–2
लहसुन – 3-4 कली (कटी हुई)
हींग – 1 चुटकी
हरा धनिया – थोड़ा सा
स्टेप-बाय-स्टेप रेसिपी
1. दाल को पकाएँ
- दाल को धोकर कुछ मिनट के लिए भिगो दें।
- कुकर में दाल, थोड़ा नमक और हल्दी डालकर 2–3 सीटी आने तक पका लें।
- दाल न बहुत गाढ़ी होनी चाहिए न बहुत पतली बस क्रीमी टेक्सचर में।
2. दही का मिश्रण तैयार करें
- एक बाउल में दही को अच्छे से फेंट लें।
- इसमें थोड़ा पानी मिलाएँ ताकि यह स्मूद और पतला हो जाए।
- वैकल्पिक: चाहे तो 1 चम्मच बेसन भी मिला सकते हैं, पर जरूरी नहीं।
3. दाल और दही को मिलाएँ
- गैस धीमी रखें ताकि दही फटे नहीं।
- दाल में दही वाला मिक्स डालें और लगातार चलाते रहें।
- इसमें नमक, हल्दी और पानी अपनी पसंद के अनुसार एडजस्ट करें।
- इसे 8–10 मिनट तक पकाएँ जब तक कढ़ी हल्की उबलकर क्रीमी टेक्सचर न ले ले।
4. तड़का तैयार करें
- छोटे पैन में घी गरम करें।
- जीरा और राई डालें—दोनों चटकने लगें तो हरी मिर्च, सूखी लाल मिर्च और करी पत्ता डालें।
- हींग और कटा लहसुन डालकर गोल्डन होने तक भूनें।
- गरम तड़के को कढ़ी पर डालें और ऊपर से हरा धनिया डालकर ढक दें।
सर्विंग सजेशन
यह कढ़ी इन चीज़ों के साथ कमाल लगती है:
स्टीम्ड चावल
जीरा राइस
रोटी/फुलका
मिलेट रोटी (बाजरा/ज्वार)
टिप्स
- दही हमेशा फ्रेश और कम खट्टा रखें।
- कढ़ी को धीमी आँच पर पकाना ही सबसे जरूरी है।
- घी के तड़के से फ्लेवर पूरा बदल जाता है, ट्राई जरूर करें।
- अगर कढ़ी पतली लगे तो थोड़ा और दाल मिला दें।
