आज है स्कंद षष्ठी व्रत, भगवान कार्तिकेय की कृपा पाने का शुभ अवसर; जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

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Published On: 24 January 2026

स्कंद षष्ठी भगवान कार्तिकेय (स्कंद/मुरुगन) को समर्पित एक महत्वपूर्ण व्रत है, जो हर माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है। यह व्रत सुख, संतान, साहस, विजय और जीवन की बाधाओं से मुक्ति दिलाने वाला माना जाता है। इस दिन कार्तिकेय की पूजा, मंत्र जाप और उनकी कथा सुनने का विशेष महत्व है। दक्षिण भारत में यह पर्व बड़ी श्रद्धा के साथ मनाया जाता है और स्कंद पुराण के अनुसार, देवताओं ने तारकासुर का वध कर धर्म की अधर्म पर विजय के प्रतीक स्वरूप इस दिन का उत्सव मनाया था। स्कंद षष्ठी 24 जनवरी को मनाया जायेगा।

स्कंद षष्ठी भगवान कार्तिकेय को समर्पित एक महत्वपूर्ण व्रत है, जिसे हर महीने के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है। यह व्रत विशेष रूप से सुख, संतान, साहस, विजय और जीवन की बाधाओं से मुक्ति दिलाने के लिए फलदायी माना जाता है।

स्कंद षष्ठी व्रत

स्कंद षष्ठी व्रत प्रत्येक वर्ष कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी को मनाया जाता है। यह व्रत भगवान कार्तिकेय, जिन्हें स्कंद या कूर्म भी कहा जाता है, को समर्पित है। श्रद्धालु इस दिन उपवास रखते हैं और भगवान स्कंद के लिए विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। इस अवसर पर मंदिरों में भंडारे और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। लोग दिनभर उपवास रखकर भगवान की कथाएँ सुनते हैं और उनके जीवन में विजय और साहस लाने की प्रार्थना करते हैं।

महत्व

स्कंद षष्ठी का व्रत खास महत्व रखता है। यह व्रत संतान प्राप्ति के लिए किया जाता है और मौजूदा संतानों के स्वास्थ्य और उनके कष्टों से मुक्ति दिलाने में सहायक माना जाता है। भगवान कार्तिकेय, जो युद्ध और शक्ति के देवता हैं, की पूजा करने से साहस, आत्मबल बढ़ता है और शत्रुओं पर विजय मिलती है। इसके अलावा, यह व्रत जीवन की बाधाओं, मंगल दोष और शारीरिक रोगों से छुटकारा दिलाने में भी प्रभावी माना जाता है। इस दिन की पूजा से धन-वैभव और सौभाग्य की प्राप्ति भी होती है।

शुभ मुहूर्त

स्कंद षष्ठी इस वर्ष 24 जनवरी , शनिवार को मनाई जाएगी, जो हिंदू माघ मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि है। इस तिथि की शुरुआत 24 जनवरी को लगभग 01:46 AM बजे होगी और यह 25 जनवरी को लगभग 12:39 AM तक प्रभावी रहेगी, इसलिए इस दौरान उपवास, पूजा–अर्चना और श्री भगवान कार्तिकेय (मुरुगन) की आराधना करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

पूजा विधि

  • स्कंद षष्ठी के अवसर पर घर पर भगवान कार्तिकेय की पूजा विधि का पालन करना बहुत पुण्यकारी माना जाता है।
  • इसके लिए प्रातः स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें और पूजा का संकल्प लें।
  • घर में कार्तिकेय की मूर्ति या चित्र स्थापित कर चंदन, रोली, धूप, दीप, बेलपत्र, फूल और फल चढ़ाएं।
  • “ॐ स्कन्दाय नमः” या “ॐ श्री शरवणभवाय नमः” मंत्र का जाप करें और स्कंद षष्ठी व्रत कथा का पाठ या श्रवण करें।
  • पूजा के अंत में भगवान की आरती करें और भोग अर्पित करें।
  • इस दिन गरीबों और जरूरतमंदों को दान देना भी शुभ माना जाता है।
  • व्रत करने वाले दिनभर निराहार या फलाहार रहते हुए मन ही मन भगवान का स्मरण करते हैं।

डिस्केलमर: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं विभिन्न माध्यमों/ ज्योतिषियों/ पंचांग/ प्रवचनों/ मान्यताओं/ धर्मग्रंथों पर आधारित हैं. MPNews इनकी पुष्टि नहीं करता है।

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