भाद्रपद शुक्ल की स्कंद षष्ठी आज, भगवान कार्तिकेय की उपासना का विशेष अवसर; पाएं शत्रु बाधा से मुक्ति

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Published On: 29 August 2025

ज्योतिष | आज भाद्रपद शुक्ल षष्ठी तिथि है, जो विशेष रूप से भगवान कार्तिकेय को समर्पित मानी जाती है। इस दिन व्रत और पूजा करने से शत्रु बाधा, भय और रोगों से मुक्ति मिलती है। दक्षिण भारत में इसे स्कंद षष्ठी के रूप में धूमधाम से मनाया जाता है और संतान सुख व विजय की प्राप्ति के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। जो रात 8:22 बजे तक रहेगी। यह दिन धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर भगवान कार्तिकेय की उपासना करने से साहस, बुद्धि और विजय की प्राप्ति होती है।

29 अगस्त 2025, शुक्रवार को भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि है, जिसे स्कंद षष्ठी के रूप में भी जाना जाता है। यह दिन भगवान कार्तिकेय की पूजा के लिए विशेष महत्व रखती है। इस दिन की उपासना से भक्तों को साहस, बुद्धि और विजय प्राप्त होती है।

स्कंद षष्ठी

स्कंद षष्ठी भगवान कार्तिकेय को समर्पित एक महत्वपूर्ण तिथि है, जो भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की षष्ठी को पड़ती है। इस दिन विशेष रूप से भगवान कार्तिकेय की पूजा-अर्चना की जाती है और इसे करने से साहस, बुद्धि और विजय की प्राप्ति होती है। दक्षिण भारत में यह पर्व बड़े उत्साह और धूमधाम से मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और भगवान कार्तिकेय की उपासना करने से शत्रु बाधा, भय और रोगों से मुक्ति मिलती है और संतान सुख की प्राप्ति भी होती है।

शुभ मुहूर्त

आज पंचांग के अनुसार 29 अगस्त 2025 शुक्रवार को भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि है, जो रात 8:22 बजे तक रहेगी। नक्षत्र स्वाति सुबह 11:38 बजे तक रहेगा, इसके बाद विशाखा नक्षत्र रहेगा। योग की दृष्टि से ब्रह्म योग दोपहर 2:12 बजे तक प्रभावी रहेगा। दिन का वार शुक्रवार है।

स्कंद षष्ठी का व्रत और पूजा सभी के लिए लाभकारी मानी जाती है, लेकिन ज्योतिषीय दृष्टि इसका विशेष प्रभाव मकर, मेष, सिंह, तुला और धनु राशि के जातकों पर पड़ेगा ।

मकर राशि

स्कंद षष्ठी का मकर राशि पर विशेष प्रभाव देखा जाएगा। इस दिन मकर राशि के जातकों के लिए स्वास्थ्य, करियर और व्यक्तिगत जीवन में सकारात्मक बदलाव आने की संभावना है। पूजा और व्रत करने से परिवार में सुख-शांति बढ़ेगी और नए अवसर प्राप्त होने के योग बनेंगे। साथ ही, शत्रु बाधाओं से मुक्ति और आर्थिक मामलों में लाभ होने की संभावना भी बनती है।

मेष राशि

स्कंद षष्ठी के अवसर पर मेष राशि वाले जातकों के लिए विशेष लाभ की संभावना है। इस दिन भगवान कार्तिकेय की पूजा और व्रत करने से साहस, बुद्धि और विजय की प्राप्ति होती है। मेष राशि वालों को विशेष रूप से कार्य क्षेत्र में सफलता, मानसिक शक्ति और परिवार में सुख-शांति का अनुभव हो सकता है। साथ ही, स्वास्थ्य और जीवन के महत्वपूर्ण निर्णयों में स्पष्टता और सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

सिंह राशि

स्कंद षष्ठी का सिंह राशि पर विशेष लाभ माना जाता है। इस दिन भगवान कार्तिकेय की पूजा और व्रत से सिंह राशि वाले व्यक्तियों के जीवन में साहस, आत्मविश्वास और नई उपलब्धियों की प्राप्ति होती है। कार्यक्षेत्र में सफलता और प्रतिस्पर्धियों पर विजय के अवसर बढ़ते हैं। परिवारिक और सामाजिक जीवन में सुख-शांति बनी रहती है और मानसिक तनाव कम होता है।

तुला राशि

स्कंद षष्ठी का तुला राशि पर विशेष प्रभाव देखने को मिलेगा। इस दिन भगवान कार्तिकेय की पूजा और व्रत से तुला राशि वाले व्यक्ति अपने साहस, बुद्धि और निर्णय क्षमता में वृद्धि महसूस करेंगे। साथ ही, पारिवारिक जीवन और पेशेवर मामलों में सफलता के योग बनेंगे। स्वास्थ्य और मानसिक स्थिरता के क्षेत्र में भी सुधार देखने को मिल सकता है।

धनु राशि

स्कंद षष्ठी का धनु राशि पर विशेष लाभ होने वाला है। इस दिन भगवान कार्तिकेय की पूजा और व्रत करने से धनु राशि के जातकों को साहस, बुद्धि और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। परिवार में सुख-शांति और कार्यों में सफलता प्राप्त होगी। धार्मिक कर्मकांड और दान-पुण्य से वैभव और संतान सुख की प्राप्ति के संकेत हैं।

डिस्केलमर: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं विभिन्न माध्यमों/ ज्योतिषियों/ पंचांग/ प्रवचनों/ मान्यताओं/ धर्मग्रंथों पर आधारित हैं. MPNews इनकी पुष्टि नहीं करता है।

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