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इतिहास से रूबरू करवाएगा मध्य प्रदेश का यह शहर, यहां करें भव्य महलों का दीदार

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Published On: 13 August 2025

धार | मध्य प्रदेश घूमने का सपना हर किसी का होता है। दरअसल, ये मध्य प्रदेश का ऐसा राज्य है, जिसे अपने सांस्कृतिक सुंदरता और खूबसूरत नजारों की वजह से पहचाना जाता है। अगर आप खूबसूरत सी संस्कृति का अनुभव लेना चाहते हैं तो मध्य प्रदेश घूमने का प्लान बना सकते हैं।

व्यक्ति कहीं भी घूमने जाता है तो उसे लगता है कि वह कहां पर रुकेगा और सारी चीजों की व्यवस्था कैसी होगी। आपकी इस चिंता को मध्य प्रदेश पर्यटन निगम दूर कर चुका है। दरअसल बोर्ड ने होमस्टे योजना शुरू की है जिसके चलते अब आपको रुकने की चिंता करने की जरूरत नहीं है। आज हम आपको मध्य प्रदेश के एक ऐसे शहर के बारे में बताते हैं, जो आपको इतिहास से रूबरू होने का मौका देगा।

घूमें मध्य प्रदेश का मांडू

अगर आप मध्य प्रदेश के इतिहास को पास से जानना चाहते हैं तो मांडू बेस्ट लोकेशन साबित हो सकता है। यहां पर देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक घूमने के लिए पहुंचते हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि घूमने फिरने के लिए यहां पर ज्यादा पैसे भी खर्च नहीं करने पड़ते। धार से 35 किलोमीटर दूर मांडू अपनी सुंदरता से हर किसी को लुभाता है।

बहुत सुंदर है मांडू

मांडू बहुत ही सुंदर जगह है जहां प्रवेश के लिए 12 दरवाजे हैं। इनमें से सबसे प्रमुख दिल्ली दरवाजा है। इसके अलावा यहां पर जहांगीर दरवाजा, तारापुर दरवाजा, रामगोपाल दरवाजा बहुत खास है। इंदौर से यह 62 किलोमीटर और खरगोन से 89 किलोमीटर दूर पड़ता है।

यहां देखें भव्य महल

जहाज महल

अगर आप खूबसूरत महल देखना चाहते हैं तो जहाज महल मांडू में ही मौजूद है। वैसे भी इस जगह को महलों का शहर कहा जाता है। जहाज महल कपूर तालाब और मुंज तालाब के बीच बना हुआ है। इसे देखने पर आपको ऐसा लगेगा कि कोई जहाज है जो तैर रहा है। इस महल को खिलजी राजवंश के घिया उद्दीन खिलजी ने बनवाया था।

रानी रूपमती महल

जहाज महल के अलावा शहर में 365 मीटर ऊंची खड़ी चट्टान पर पुराने रूपमती के लिए बाज बहादुर ने महल बनवाया था। मांडू की सुरक्षा और सैनिकों पर निगरानी रखने के लिए इस महल का उपयोग किया जाता था। इस महल से 25 किलोमीटर दूर नर्मदा नदी बहती है जिसके दर्शन करने के बाद ही रूपमती खाना खाया करती थी।

हिंडोला महल

हिंडोला महल का निर्माण राजा होशांग शाह के शासनकाल में किया गया था। इस महल में राज दरबार लगा करता था जहां राजा बैठकर अपने प्रजा की समस्याओं को सुनते थे। मालवा शैली की वास्तुकला अगर आप देखना चाहते हैं तो इस महल का दीदार जरूर करें। इस महल की दीवार है 77 डिग्री के कोण पर झुकी हुई है। यही वजह है कि इस हिंडोला महल कहा जाता है

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