अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी के नेतृत्व में अभाविप के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को नई दिल्ली में तीन केंद्रीय मंत्रालयों का दौरा किया। प्रतिनिधिमंडल ने महिला एवं बाल विकास, कृषि तथा युवा एवं खेल मंत्रालय में अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर देश से जुड़े अहम मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को दिए गए ज्ञापन में महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिक मुद्दा बनाया गया। अभाविप ने साइबर अपराधों और एआई के जरिए बनाई जा रही आपत्तिजनक सामग्री पर प्रभावी नियंत्रण की मांग रखी। इसके साथ ही किशोरियों और युवतियों को विज्ञान, तकनीक और नई डिजिटल स्किल्स में आगे बढ़ाने के लिए विशेष योजनाएं लागू करने का सुझाव दिया गया।
ज्ञापन में सर्वाइकल और ब्रेस्ट कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों पर जागरूकता अभियान, महिला अपराधों के शीघ्र निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक अदालतों की संख्या बढ़ाने और कार्यस्थलों पर आंतरिक शिकायत समितियों को सक्रिय करने पर भी जोर दिया गया। महिला समृद्धि योजनाओं के विस्तार को महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन से जोड़ा गया।
व्यवस्था में सुधार की पहल
केंद्रीय कृषि मंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में कृषि क्षेत्र से जुड़ी शिक्षा और शोध संरचना को मजबूत करने की मांग की गई। अभाविप ने राष्ट्रीय स्तर पर ‘भारतीय कृषि परिषद’ के गठन का प्रस्ताव रखा, ताकि कृषि शिक्षा में एकरूपता लाई जा सके। इसके अलावा, राज्य कृषि विश्वविद्यालयों और कृषि विज्ञान केंद्रों को सुदृढ़ करने, लंबे समय से खाली पड़े पदों पर शीघ्र भर्ती, कृषि अनुसंधान और छात्रवृत्तियों के बजट में बढ़ोतरी जैसे विषय शामिल रहे। संगठन ने भारतीय भाषाओं में कृषि पाठ्यक्रम, स्कूल स्तर पर कृषि शिक्षा और कृषि आधारित स्टार्ट-अप व नवाचार को बढ़ावा देने की भी मांग की।
खेल को शिक्षा का हिस्सा बनाने पर जोर
केंद्रीय युवा एवं खेल मंत्रालय को दिए गए ज्ञापन में अभाविप ने शारीरिक शिक्षा को यूपीएससी मुख्य परीक्षा में वैकल्पिक विषय के रूप में शामिल करने का प्रस्ताव रखा। साथ ही सभी शिक्षण संस्थानों में खेल कोटा लागू करने, अनिवार्य फिटनेस कार्यक्रम शुरू करने और खेल अवसंरचना को मजबूत करने की मांग की गई। 2030 राष्ट्रमंडल खेलों को ध्यान में रखते हुए ‘नेशनल स्पोर्ट्स रेडिनेस फ्रेमवर्क’ तैयार करने, एनसीसी-एनएसएस के विद्यार्थियों को प्रोत्साहन देने और पारंपरिक भारतीय खेलों के संरक्षण पर भी संगठन ने बल दिया।
देहरादून राष्ट्रीय अधिवेशन में पारित प्रस्तावों और छात्रों से मिले सुझावों के आधार पर ये ज्ञापन तैयार किए गए हैं। महिला सुरक्षा, कृषि शिक्षा और खेल ये तीनों विषय विकसित भारत की दिशा में बेहद अहम हैं। मंत्रियों ने मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाया है और संगठन को उम्मीद है कि आने वाले समय में इन पर ठोस नीतिगत निर्णय लिए जाएंगे- डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी, राष्ट्रीय महामंत्री
