टीकमगढ़ के पुलिस लाइन ग्राउंड में आयोजित 69वीं शालेय कीड़ा संभागीय प्रतियोगिता का समापन समारोह विवाद में घिर गया। कार्यक्रम के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कुछ कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी करने लगे और स्कूली छात्र-छात्राओं के बीच बैठकर अभद्रता करने लगे। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर उन्हें कार्यक्रम स्थल से खदेड़ना पड़ा।
एबीवीपी कार्यकर्ताओं का आरोप था कि प्रतियोगिता में बच्चों को खराब भोजन दिया गया। वे कलेक्टर के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपना चाहते थे, लेकिन कलेक्टर और एसडीएम कार्यक्रम स्थल पर मौजूद नहीं थे। इस दौरान भाजपा जिला अध्यक्ष सरोज राजपूत भी कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित थे।
छात्राओं के बीच जाकर अभद्रता
ज्ञापन न सौंप पाने और कलेक्टर-अधिकारियों के अनुपस्थित रहने से नाराज एबीवीपी कार्यकर्ता लगातार नारेबाजी करते रहे। जिला अध्यक्ष की समझाइस और पुलिस के बार-बार समझाने के बावजूद कार्यकर्ता नहीं माने। इसके बाद उन्होंने स्कूली छात्र-छात्राओं के बीच जाकर बैठना शुरू किया और उग्र होकर नारीवाजी करने लगे।
पुलिस ने की कार्रवाई
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। अधिकारियों ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम स्थल से हटाया और समारोह को नियंत्रित किया। पुलिस ने कहा कि किसी भी परिस्थिति में छात्रों की सुरक्षा और कार्यक्रम की शांति बनाए रखना प्राथमिकता है।
सड़कों पर विरोध
कार्यक्रम स्थल से खदेड़े जाने के बाद एबीवीपी और भाजपा के कुछ समर्थक सड़कों पर उतर आए। उन्होंने नारेबाजी की और गुंडागर्दी का प्रदर्शन किया। इस घटना से समारोह में आए अन्य स्कूल प्रतिनिधियों और अभिभावकों में असंतोष देखा गया। पुलिस ने बताया कि विवाद को नियंत्रित किया गया और किसी को गंभीर चोट नहीं आई। अधिकारियों ने एबीवीपी को चेतावनी दी कि भविष्य में किसी भी तरह की अभद्रता और छात्रों के बीच हंगामा करना गंभीर अपराध माना जाएगा।
प्रतिक्रिया
स्थानीय स्कूलों के अभिभावकों ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और शांति भंग करना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे कार्यकर्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसे मामले न दोहराएं।
