भोपाल में आयुर्वेद की उन्नत चिकित्सा पद्धतियों को आम लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से त्रिदिवसीय एडवांस्ड पंचकर्म थैरेप्यूटिक कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यशाला 19, 20 और 21 फरवरी को राजधानी स्थित पंडित खुशीलाल शर्मा शासकीय (स्व) आयुर्वेद महाविद्यालय एवं संस्थान में आयोजित होगी। आयोजन का उद्देश्य पारंपरिक आयुर्वेदिक उपचार को आधुनिक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत करना और अधिक से अधिक मरीजों को इसका लाभ दिलाना है।
संस्थान के प्राचार्य डॉ. उमेश शुक्ला ने बताया कि कार्यशाला में पंचकर्म की आधुनिक और उन्नत तकनीकों पर विशेष चर्चा की जाएगी। तीन दिन तक चलने वाले इस आयोजन में सैद्धांतिक जानकारी के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। विशेषज्ञ यह बताएंगे कि किस प्रकार पंचकर्म उपचार विभिन्न जटिल बीमारियों में प्रभावी भूमिका निभा सकता है। आयुर्वेद की वैज्ञानिक उपयोगिता को व्यवहारिक उदाहरणों के साथ समझाया जाएगा।
भोपाल में 19 से एडवांस्ड पंचकर्म थैरेप्यूटिक कार्यशाला
कार्यशाला में देश के प्रमुख चिकित्सा केंद्रों से अनुभवी पंचकर्म विशेषज्ञ भाग लेंगे। इनमें दिल्ली, जयपुर, तिरुवनंतपुरम, वर्धा और नागपुर जैसे शहरों से चिकित्सक शामिल होंगे। ये विशेषज्ञ लकवा, संधिवात, गठिया, त्वचा रोग और दमा सहित अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित चयनित मरीजों की जांच करेंगे। पात्र रोगियों को निशुल्क परामर्श और उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
मरीजों के साथ विद्यार्थियों को भी लाभ
यह कार्यशाला केवल मरीजों के लिए ही नहीं, बल्कि आयुर्वेद के विद्यार्थियों और चिकित्सकों के लिए भी उपयोगी साबित होगी। विशेषज्ञों द्वारा लाइव डेमोंस्ट्रेशन के माध्यम से पंचकर्म की उन्नत तकनीकों, उपचार प्रोटोकॉल और आधुनिक अनुसंधान आधारित दृष्टिकोण को समझाया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव मिलेगा और चिकित्सा पद्धति की गहराई को जानने का अवसर भी मिलेगा।
आयोजन के दौरान व्याख्यान, केस स्टडी प्रस्तुति और लाइव उपचार प्रदर्शन होंगे। चिकित्सक और छात्र विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर सकेंगे। संस्थान प्रशासन का मानना है कि इस तरह के आयोजन आयुर्वेद को नई दिशा देने और लोगों में इसके प्रति विश्वास बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
