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MP में 4 हजार मेगावॉट बिजली उत्पादन के लिए 60 हजार करोड़ के समझौते, CM बोले- “बिजली राज्य की प्रगति की प्राणशक्ति”

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Published On: 27 January 2026

MP में बिजली उत्पादन को लेकर बड़ा निवेश समझौता हुआ है। मुख्यमंत्री मोहन यादव की उपस्थिति में भोपाल स्थित समत्व भवन में 4,000 मेगावॉट बिजली उत्पादन के लिए पॉवर सप्लाई एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए गए। इस मौके पर एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी और प्रमुख ऊर्जा कंपनियों के बीच करार हुआ, जिससे प्रदेश में ऊर्जा क्षेत्र को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि बिजली का महत्व मानव शरीर में प्राणों के समान है। जैसे शरीर के संचालन के लिए प्राण जरूरी हैं, वैसे ही किसी भी राज्य के विकास के लिए पर्याप्त विद्युत आपूर्ति अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि 60 हजार करोड़ रुपये की लागत से होने वाले यह समझौते मध्य प्रदेश के दीर्घकालीन और स्थायी विकास की नींव मजबूत करेंगे।

MP में 4 हजार मेगावॉट बिजली उत्पादन

इन परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश में कुल बिजली उपलब्धता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और बिजली की मांग की शत-प्रतिशत पूर्ति संभव हो सकेगी। यह नए विद्युत संयंत्र अनूपपुर जिले में स्थापित किए जाएंगे और DBFOO (Design, Build, Finance, Own and Operate) मॉडल के तहत संचालित होंगे। इससे बिजली उत्पादन के साथ-साथ ऊर्जा क्षेत्र में तकनीकी और प्रबंधन सुधार भी देखने को मिलेगा।

इन परियोजनाओं से लगभग 8,000 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। सरकार का मानना है कि इस निवेश से स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, जिससे क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी।

प्रमुख कंपनियों को आवंटित हुई उत्पादन क्षमता

बोली प्रक्रिया के तहत हिन्दुस्तान थर्मल प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को 800 मेगावॉट, टोरेंट पॉवर लिमिटेड को 1,600 मेगावॉट और अदानी पॉवर लिमिटेड को 800 मेगावॉट क्षमता आवंटित की गई है। इसके अलावा ग्रीन शू विकल्प के अंतर्गत अतिरिक्त 800 मेगावॉट की क्षमता भी दी गई है। टोरेंट और अदानी पॉवर प्रत्येक 24 हजार करोड़ रुपये, जबकि हिन्दुस्तान थर्मल 12 हजार करोड़ रुपये का निवेश करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योग मित्र नीतियों, मजबूत अधोसंरचना और सुशासन के कारण मध्य प्रदेश निवेशकों के लिए पसंदीदा राज्य बन रहा है। उन्होंने नवकरणीय ऊर्जा, पीएम मित्र पार्क, कृषि कल्याण वर्ष और स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं का भी उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार रोजगारपरक उद्योगों को प्राथमिकता दे रही है।

2030 से शुरू होने की संभावना बिजली आपूर्ति की

इन समझौतों के तहत वर्ष 2030 से विद्युत आपूर्ति शुरू होने की संभावना है। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में मध्य प्रदेश ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर और अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित हो।

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