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बसंत पंचमी से पहले धार में बड़ा ऐलान, भोजशाला में पूजा का ऐलान और टकराव की आहट

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Published On: 28 December 2025

धार में बसंत पंचमी को लेकर माहौल अभी से गर्माने लगा है। महाराजा भोज स्मृति बसंतोत्सव समिति ने रविवार को एक ऐसी घोषणा की, जिसने आगामी वर्ष के आयोजन को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। समिति ने साफ किया कि 23 जनवरी 2026 को बसंत पंचमी के अवसर पर भोजशाला में अखंड पूजा-अर्चना की जाएगी और परिसर किसी भी स्थिति में खाली नहीं किया जाएगा।

रविवार को समिति ने अपने कार्यालय का विधिवत शुभारंभ किया। कार्यक्रम में बसंतोत्सव की रूपरेखा के साथ-साथ आगामी आयोजन को लेकर समिति का रुख भी सामने आया। कार्यालय का उद्घाटन जूना अखाड़ा संगेश्वर धाम के राष्ट्रीय सचिव रामेश्वर गिरी महाराज ने किया। इस मौके पर समिति पदाधिकारी और समर्थक बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

अखंड पूजा का एलान

समिति के संरक्षक अशोक जैन ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि 23 जनवरी 2026, शुक्रवार को बसंत पंचमी के दिन सूर्यास्त से सूर्योदय तक अखंड पूजा-अर्चना की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर इसके लिए संघर्ष का रास्ता भी अपनाना पड़ा, तो समिति पीछे नहीं हटेगी। उनके बयान के बाद यह विषय और अधिक संवेदनशील माना जा रहा है। अशोक जैन ने कहा कि उस दिन भोजशाला को किसी भी परिस्थिति में खाली नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पूर्व में भी ऐसे मौके आए हैं, जब परिसर खाली नहीं किया गया। समिति का दावा है कि बसंत पंचमी पर हजारों की संख्या में हिंदू समाज के लोग धार पहुंचेंगे और आयोजन में शामिल होंगे।

शुक्रवार और बसंत पंचमी का संयोग

इस बार विवाद की वजह तारीख भी बन रही है। 23 जनवरी 2026 को बसंत पंचमी शुक्रवार के दिन पड़ रही है। शुक्रवार को मुस्लिम समाज द्वारा जुम्मे की नमाज अदा की जाती है, जबकि बसंत पंचमी हिंदू समाज के लिए विशेष पर्व है। इसी संयोग के चलते समिति का यह निर्णय व्यापक चर्चा में आ गया है। भोजशाला में पुरातत्व विभाग की व्यवस्था पहले से तय है। मंगलवार को हिंदू समाज को पूजा की अनुमति और शुक्रवार को मुस्लिम समाज को नमाज की अनुमति दी जाती है। ऐसे में शुक्रवार को बसंत पंचमी पड़ने से यह व्यवस्था फिर बहस का विषय बन गई है और प्रशासनिक चुनौतियां भी बढ़ती नजर आ रही हैं।

पूरे दिन होंगे धार्मिक आयोजन

समिति के मुताबिक 23 जनवरी को सूर्योदय से सूर्यास्त तक पूजा-अर्चना, यज्ञ और हवन होंगे। सुबह 7 बजे लालबाग परिसर से मां वागदेवी की शोभायात्रा निकाली जाएगी। पूरे दिन आरती और धार्मिक अनुष्ठान चलते रहेंगे। 24 जनवरी 2026 को दोपहर 2:30 बजे मातृशक्ति सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें पूजन, हवन और आरती होगी। कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेविका समिति की प्रांत कार्यवाहिका भारती दीदी कुशवाह मुख्य वक्ता होंगी। रात 8 बजे सुंदरकांड पाठ के साथ आयोजन का समापन किया जाएगा।

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