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रीवा शिखा कांड पर अखिलेश यादव का BJP पर हमला, बोले– समाज में नफरत फैलाकर सत्ता बचाने की कोशिश

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Published On: 13 January 2026

रीवा के बहुचर्चित शिखा कांड और यादव युवक के साथ हुई मारपीट का मामला अब केवल स्थानीय नहीं रहा, बल्कि देशभर में राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने इस घटना को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया पर रीवा की घटना साझा करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा समाज के भीतर नफरत और वैमनस्य फैलाने का काम कर रही है।

अखिलेश यादव ने कहा कि जहां-जहां भाजपा की सरकारें हैं, वहां समाज को आपस में लड़ाने वाला माहौल बनाया जा रहा है। उन्होंने रीवा में यादव युवक के साथ हुई मारपीट को महज एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि सोची-समझी सामाजिक विभाजन की राजनीति का परिणाम बताया। उनके मुताबिक, ऐसे मामलों से साफ झलकता है कि कुछ ताकतें समाज में तनाव पैदा कर राजनीतिक लाभ उठाना चाहती हैं।

रीवा में Akhilesh Yadav का आरोप

सपा प्रमुख ने अपने बयान में भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि खुद को राष्ट्रवादी कहने वाले लोग दरअसल “राष्ट्रविवादी” हैं। उनका आरोप है कि ये लोग समाज के भीतर फूट डालकर, विवाद और तनाव खड़ा कर सत्ता में बने रहना चाहते हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि ऐसी राजनीति समाज और लोकतंत्र दोनों के लिए घातक है।

पीड़ित के समर्थन में सपा

इस मामले में समाजवादी पार्टी ने खुलकर पीड़ित का साथ देने की बात कही है। अखिलेश यादव के निर्देश पर सपा के प्रदेश अध्यक्ष ने पीड़ित रोहित यादव से वीडियो कॉल के जरिए बातचीत की और भरोसा दिलाया कि यह लड़ाई केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि न्याय और सामाजिक सम्मान की लड़ाई है। सपा नेताओं का कहना है कि जरूरत पड़ी तो मामला राष्ट्रीय स्तर पर भी उठाया जाएगा।

पीड़ित ने जताया जान का खतरा

इधर, पीड़ित रोहित यादव ने आरोपी दीपक पांडेय से अपनी जान को खतरा बताते हुए पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है। रोहित का कहना है कि घटना के बाद से वह और उसका परिवार भय के माहौल में जी रहा है। फिलहाल, बैकुंठपुर थाना पुलिस ने मारपीट की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है और मामले की जांच जारी है।

नफरत की राजनीति पर चेतावनी

अखिलेश यादव ने आम लोगों को आगाह करते हुए कहा कि नफरत की राजनीति में फंसकर लोग ऐसे कृत्य कर बैठते हैं, जिनका अंजाम अंत में पुलिस कार्रवाई के रूप में सामने आता है। उस समय न तो कोई राजनीतिक दल साथ देता है और न ही सत्ता का संरक्षण काम आता है। उन्होंने कहा कि समाज को बांटने की नहीं, जोड़ने की राजनीति की जरूरत है।

सपा प्रमुख ने कहा कि समाज में ऊंच-नीच और भेदभाव की भावना वही लोग जिंदा रखना चाहते हैं, जो सत्ता की कुर्सी से चिपके रहना चाहते हैं। उनके अनुसार, सच्चा सामाजिक और राष्ट्रीय हित वही है, जिसमें सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की सोच हो।

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