मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में बासी बेरदहा क्षेत्र में कथित बड़े पैमाने पर पेड़ काटे जाने को लेकर बुधवार को माहौल गर्म हो गया। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर जोरदार विरोध दर्ज करते हुए प्रशासन को घेरने की कोशिश की। स्थानीय लोगों की शिकायतों के बाद कांग्रेस ने एक जांच टीम तैयार की थी, जो सुबह ही स्थिति का जायजा लेने पहुंची थी।
कांग्रेस की 12 सदस्यीय टीम जब बासी बेरदहा की ओर बढ़ रही थी, तभी घिरौली गांव के पास पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया। अचानक मिले इस अवरोध से नाराज़ नेता और कार्यकर्ता वहीं सड़क पर धरने पर बैठ गए। लगभग दो सौ से अधिक कार्यकर्ता मौके पर मौजूद थे और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए तत्काल जांच की अनुमति देने की मांग कर रहे थे।
दो घंटे चला धरना
धरना करीब दो घंटे तक चलता रहा। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि जिस क्षेत्र में पेड़ काटे जा रहे हैं, वहां प्रशासन जांच कराने से बच रहा है। कई नेताओं ने कहा कि यदि कटाई सही है तो प्रशासन को डर किस बात का है। स्थानीय ग्रामीणों की भीड़ भी विरोध प्रदर्शन में शामिल रही, जिसने माहौल और गर्मा दिया।
सिंगरौली में पेड़ों का कत्लेआम, ज़मीन का अधिग्रहण, अडानी को दिया जा रहा असीमित राजनीतिक संरक्षण केवल पर्यावरण का मसला नहीं, यह जनता की ज़मीन, जनता के अधिकार और जनता की लड़ाई का मुद्दा है!@INCIndia ने इस पूरे खेल का सच उजागर करने के लिए फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी का गठन किया है! आज… pic.twitter.com/I3UpGc5S0c
— Jitendra (Jitu) Patwari (@jitupatwari) December 10, 2025
लगातार बढ़ते तनाव को देखते हुए प्रशासन ने आखिरकार जांच टीम को मौके तक जाने की अनुमति दे दी। शाम करीब 4:30 बजे जीतू पटवारी, ओंकार मरकाम, कमलेश्वर पटेल, जयवर्धन सिंह और नेहा कावरे को एक कार में बैठाकर जंगल की ओर रवाना किया गया। उनकी गाड़ी के आगे और पीछे पुलिस के वाहन चलाए गए, ताकि सुरक्षा और निगरानी दोनों की व्यवस्था बनी रहे।
पुलिस निगरानी में हुई आवाजाही
नेताओं की हर गतिविधि पुलिस की निगरानी में रही। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनज़र यह कदम उठाया गया है, जबकि कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह निगरानी अनावश्यक दबाव बनाने जैसा है। विपक्ष का आरोप है कि बड़े पैमाने पर पेड़ काटे जा रहे हैं और कुछ लोग सरकारी संरक्षण में जंगल को खाली कर रहे हैं। जांच टीम के लौटने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि बासी बेरदहा क्षेत्र में पेड़ों की कटाई किस हद तक हुई है और इसके पीछे कौन जिम्मेदार है। फिलहाल पूरे सिंगरौली जिले में इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
