भोपाल | MP विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होने से 48 घंटे पहले ही पूरे परिसर को सुरक्षा के सख्त घेरे में ले लिया गया है। शनिवार को विधानसभा सचिवालय के निर्देश पर सामान्य कामकाज ठप रहा और परिसर में सिर्फ सुरक्षा से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी ही प्रवेश कर सके। यह बंदोबस्त आगामी सत्र में कांग्रेस के संभावित विरोध को देखते हुए किया गया है, जिसे लेकर पहले से ही सियासी माहौल गर्माया हुआ है।
धरना, नारेबाजी पर पाबंदी
सत्र के पहले दिन से ही हंगामे की संभावना को ध्यान में रखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने विधायकों को परिसर में नारेबाजी और प्रदर्शन से साफ मना कर दिया है। यह फैसला प्रमुख सचिव ने आदेश के रूप में जारी किया है। अब विधानसभा के भीतर धरना, तख्तियां लहराना और विरोध-प्रदर्शन जैसी गतिविधियां पूरी तरह वर्जित रहेंगी।
गेटों की निगरानी
शनिवार को विधानसभा परिसर के गेट नंबर 3 पर पुलिस और सुरक्षाबलों की रिहर्सल दिनभर चलती रही। बाकी के गेट 1, 2, 4 और 5 को बंद रखा गया। गेट नंबर 1 और 3 को मुख्य प्रवेश और निकास के रूप में चिन्हित किया गया है। खास बात यह है कि अब विधायकों और अधिकारियों के लिए भी तय गेट से ही आना-जाना अनिवार्य कर दिया गया है।
मीडिया की एंट्री सीमित
इस बार मीडिया से जुड़ा दफ्तर भी शनिवार को बंद रहा, जिससे पास बनवाने पहुंचे पत्रकारों को लौटना पड़ा। उन्हें रविवार दोपहर के बाद ही पास मिलने की सूचना दी गई। अन्य विभागों के दफ्तर भी बंद रहे, जिससे पहले के मुकाबले काफी सख्ती देखने को मिली।
नई गाइडलाइन
- इस बार जिन वाहनों में लाल, नीली या पीली बत्ती लगी है या हूटर है, उन्हें परिसर में एंट्री नहीं दी जाएगी।
- केवल आरटीओ से अधिकृत एलपीजी और सीएनजी वाहन ही अंदर आ सकेंगे।
- अनधिकृत या बिना नंबर वाले वाहनों की एंट्री पर पूर्ण प्रतिबंध है।
- विधायकों के साथ चलने वाले अंगरक्षकों को भी परिसर में आने की इजाजत नहीं होगी, चाहे उनके पास हथियार हों या नहीं।
पत्रकारों को गेट नंबर 5 से एंट्री
विशेष मेहमानों और मंत्रियों के लिए गेट नंबर 1 और 3 निर्धारित किए गए हैं, जबकि पत्रकारों और दोपहिया वाहनों के लिए गेट नंबर 5 से ही प्रवेश और निकास की अनुमति दी गई है। अंगरक्षकों और सहायकों के लिए परिसर में नया वेटिंग शेड बनाया गया है।
