भोपाल के भानपुर चौराहे पर शनिवार देर रात उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक सड़क हादसे के बीच एक युवती के हंगामे ने पूरे माहौल को तनावपूर्ण बना दिया। लोग हादसे से पहले ही सहमे हुए थे, तभी युवती की तेज आवाज और नारेबाजी ने घटनास्थल को तमाशे में बदल दिया। दरअसल, रात करीब साढ़े आठ बजे जाटखेड़ी निवासी 26 वर्षीय अमन साहू बाइक से घर लौट रहा था। इसी दौरान पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार युवक ट्रक के टायर में फंस गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और क्रेन बुलाकर ट्रक के नीचे फंसे शव को निकालने की प्रक्रिया शुरू की गई। शव बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका था, इसलिए पुलिस बेहद संवेदनशील तरीके से कार्रवाई कर रही थी ताकि पंचनामा और अन्य कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा सके।
भानपुर चौराहे पर आधी रात का हंगामा
इसी दौरान आरती रजक नाम की युवती स्कूटी से वहां पहुंची और घटनास्थल की वीडियो रिकॉर्डिंग करने लगी। पुलिस का आरोप है कि वह शव के बेहद पास जाने लगी, जिस पर उसे रोका गया। यही बात विवाद की शुरुआत बन गई और युवती पुलिस से उलझ गई। युवती ने खुद को एक प्रतिष्ठित मीडिया समूह का पत्रकार बताते हुए पुलिस पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। पुलिस द्वारा पहचान पत्र मांगने पर उसने कोई आईडी नहीं दिखाई, बल्कि कैमरे की ओर देखकर नारे लगाने लगी और मौके पर मौजूद लोगों को भी भड़काने की कोशिश की।
एक घंटे तक चला ड्रामा
करीब एक घंटे तक युवती और पुलिस के बीच बहस चलती रही। पुलिस उसे समझाने का प्रयास करती रही, लेकिन युवती लगातार आक्रामक रवैया अपनाए रही। उसकी हरकतों से मौके पर खड़े लोग भी असहज हो गए और स्थिति और बिगड़ने लगी। पुलिस ने यह भी नोट किया कि युवती बिना हेलमेट स्कूटी चला रही थी। स्कूटी का नंबर MP 04 UF 3704 बताया गया है। पुलिस का कहना है कि उसने न सिर्फ शासकीय कार्य में बाधा डाली, बल्कि ट्रैफिक नियमों का भी खुला उल्लंघन किया।
नारे लगाकर मौके से रवाना
काफी देर हंगामा करने के बाद युवती स्कूटी पर सवार हुई और नारे लगाते हुए वहां से निकल गई। पुलिस ने पूरी घटना का वीडियो सुरक्षित कर लिया ताकि आगे की कार्रवाई में सबूत के तौर पर उपयोग किया जा सके। घटना के बाद छोला मंदिर थाना पुलिस ने युवती के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने सहित अन्य धाराओं में FIR दर्ज की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पत्रकार होने का दावा कानून से ऊपर नहीं होता और नियमों का पालन सभी के लिए अनिवार्य है। जांच फिलहाल जारी है।
