राजधानी भोपाल के माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से एक बड़ा साइबर फ्रॉड कांड सामने आया है। आरोप है कि यहाँ के NSUI अध्यक्ष अमन कुमार ने भोली-भाली जनता को झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी की है। इस पूरे घोटाले के तार सीमा पार पाकिस्तान से जुड़े होने की बात सामने आ रही है। अमन कुमार पर आरोप है कि उसने लोगों को हर महीने 500 रुपये देने का वादा कर इंडियन पोस्ट पेमेंट बैंक में 250 से अधिक खाते खुलवाए। इन खातों का इस्तेमाल करीब 3 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन और धोखाधड़ी के लिए किया गया। मामला तब उजागर हुआ जब खाता धारकों ने पासबुक मांगी और उन्हें बताया गया कि उनके खाते बंद हो चुके हैं।
पाकिस्तान से जुड़े सबूत
जांच में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। अमन के मोबाइल से पाकिस्तान के वॉट्सऐप नंबर और स्कैनर से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। सूत्रों के अनुसार, वह पिछले दो वर्षों से पाकिस्तानी युवक अरसद के संपर्क में था और साइबर फ्रॉड रैकेट का हिस्सा बनकर काम कर रहा था।
अभाविप का हमला
अभाविप ने इस पूरे मामले को NSUI के “देश विरोधी चरित्र” से जोड़ते हुए कड़ा रुख अपनाया है। राष्ट्रीय मंत्री कु. शालिनी वर्मा ने कहा कि NSUI पहले भी पेपर लीक, छेड़छाड़ और दुष्कर्म जैसे मामलों में विवादों में रहा है। अब पाकिस्तान से जुड़े इस साइबर फ्रॉड ने साबित कर दिया कि यह संगठन भारत के लिए खतरा है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे NSUI से दूरी बनाएं।
प्रांत मंत्री केतन चतुर्वेदी ने तो NSUI को A-NSUI यानी एंटी नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया करार दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके छात्र संगठन की पाकिस्तान से यारी नई बात नहीं है। अब प्रशासन को चाहिए कि देशद्रोह की धाराओं में कठोरतम कार्रवाई करे।
कार्रवाई की मांग
अभाविप ने मांग की है कि अमन कुमार और उसके सहयोगियों पर तत्काल गिरफ्तारी के साथ-साथ देशद्रोह की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए। साथ ही, यह भी कहा गया है कि विश्वविद्यालय परिसर को देश विरोधी गतिविधियों का अड्डा बनने से रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
