भोपाल में मेट्रो अब केवल योजना नहीं, बल्कि शहर की सड़कों के ऊपर दौड़ती हकीकत बन चुकी है। ऑरेंज लाइन के प्रायोरिटी कॉरिडोर पर सुभाषनगर से एम्स के बीच मेट्रो ने रफ्तार पकड़ ली है। रोजाना 17 ट्रिप के साथ दो ही दिनों में 10 हजार से ज्यादा लोग इस नई सुविधा का इस्तेमाल कर चुके हैं। यह फिलहाल 6.22 किलोमीटर का सफर है, लेकिन इसे पूरे शहर से जोड़ने की तैयारी तेज हो गई है।
भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट दो प्रमुख लाइनों पर आधारित है। पहली ऑरेंज लाइन, जो एम्स से करोंद तक प्रस्तावित है और दूसरी ब्लू लाइन, जो भदभदा चौराहा से रत्नागिरी तिराहा तक जाएगी। दोनों रूट मिलकर करीब 30.9 किलोमीटर का नेटवर्क तैयार करेंगे। 20 दिसंबर को उद्घाटन के साथ भोपाल देश का 26वां मेट्रो शहर बना और 21 दिसंबर से आम यात्रियों के लिए मेट्रो के दरवाजे खुल गए।
ऑरेंज लाइन फेज-1
ऑरेंज लाइन का पहला चरण ही प्रायोरिटी कॉरिडोर है। इसमें सुभाषनगर, केंद्रीय स्कूल, डीबी मॉल, एमपी नगर, रानी कमलापति स्टेशन, डीआरएम ऑफिस तिराहा, अलकापुरी और एम्स कुल 8 स्टेशन शामिल हैं। इस रूट ने खास तौर पर ऑफिस जाने वालों, छात्रों और अस्पताल आने-जाने वालों की राह आसान कर दी है।
ऑरेंज लाइन फेज-2
अब पूरा ध्यान ऑरेंज लाइन के दूसरे चरण पर है, जो सुभाषनगर से करोंद तक जाएगा। इसकी कुल लंबाई 9.74 किलोमीटर होगी। इसमें 5.38 किलोमीटर एलिवेटेड ट्रैक पर छह स्टेशन बनाए जाएंगे, जिन पर करीब 650 करोड़ रुपए खर्च होंगे। वहीं, 3.39 किलोमीटर हिस्सा अंडरग्राउंड रहेगा, जहां भोपाल रेलवे स्टेशन और नादरा बस स्टैंड जैसे बड़े स्टेशन बनेंगे। इस अंडरग्राउंड हिस्से पर करीब 890 करोड़ रुपए की लागत आएगी।
ब्लू लाइन
भदभदा से रत्नागिरी तक चलने वाली ब्लू लाइन पर भी काम की शुरुआत हो चुकी है। करीब 13 किलोमीटर लंबे इस रूट पर 14 स्टेशन प्रस्तावित हैं। 550 स्थानों पर सॉयल टेस्टिंग पूरी हो चुकी है, जिससे पिलर और नींव की स्थिति तय हो गई है। इस लाइन की अनुमानित लागत 1006 करोड़ रुपए है। पुल बोगदा के पास बनने वाला इंटरचेंज सेक्शन भोपाल मेट्रो का सबसे अहम हिस्सा होगा। यहीं ऑरेंज और ब्लू लाइन आपस में मिलेंगी। इससे यात्री एक लाइन से उतरकर दूसरी में सीधे सफर कर सकेंगे। इसी कारण यहां ट्रैफिक डायवर्जन के साथ निर्माण कार्य तेज कर दिया गया है।
The Delhi Metro Rail Corporation (DMRC) today signed an MOU with the Madhya Pradesh Metro Rail Corporation Limited (MPMRCL) for providing a state-of-art Automatic Fare Collection (AFC) system for Bhopal and Indore Metros. pic.twitter.com/hF3OePxMfO
— Delhi Metro Rail Corporation (@OfficialDMRC) December 23, 2025
कब खुलेगा पूरा रूट
शहरवासी अब यही जानना चाहते हैं कि करोंद से एम्स तक पूरे 16.74 किलोमीटर के सफर की शुरुआत कब होगी। मेट्रो अधिकारियों का दावा है कि दूसरे चरण का काम तय समयसीमा में पूरा करने की कोशिश की जा रही है। जिस तरह प्रायोरिटी कॉरिडोर ने शुरुआत में ही भरोसा जगाया है, उससे उम्मीद है कि भोपाल की मेट्रो जल्द ही पूरे शहर की रफ्तार बदल देगी।
