भोपाल | राजधानी भोपालवासियों का लंबे वक्त से इंतजार जल्द खत्म होने वाला है। शहर की मेट्रो ट्रेन अब दौड़ने को पूरी तरह तैयार है। 90 किलोमीटर प्रति घंटा की क्षमता रखने वाली यह ट्रेन असल में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रैक पर चलेगी, ताकि सफर सुरक्षित और आरामदायक बना रहे। खास बात यह है कि एक स्टेशन से दूसरे तक की दूरी तय करने में यात्रियों को केवल 2 मिनट लगेंगे।
इंदौर से मिली हिम्मत
31 मई को इंदौर में मेट्रो की सफल शुरुआत के बाद सरकार का पूरा ध्यान अब भोपाल मेट्रो पर है। मुख्यमंत्री मोहन यादव खुद रविवार को मेट्रो के ट्रायल रन में सवार हुए और चल रहे कामों का जायजा लिया। उन्होंने अफसरों को दो महीने में बचा हुआ काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं, ताकि अक्टूबर-नवंबर तक मेट्रो को जनता के लिए खोल दिया जाए।
90 की रफ्तार से हो चुका ट्रायल
रेलवे की आरडीएसओ (लखनऊ) की टीम ने मेट्रो ट्रेन को 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रैक पर दौड़ाया और करीब 13 दिन तक ब्रेकिंग सिस्टम, ट्रैक की मजबूती समेत तमाम पहलुओं की जांच की। अब रिपोर्ट आने वाली है, जिसके बाद कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी की टीम आखिरी निरीक्षण करेगी। अगर सब कुछ ठीक रहा, तो भोपाल मेट्रो को हरी झंडी मिल जाएगी।
फिलहाल, भोपाल में मेट्रो की ऑरेंज लाइन पर काम हो रहा है, जो एम्स से करोंद तक जाएगी। इसमें सबसे पहले सुभाष नगर से एम्स के बीच लगभग 2225 करोड़ रुपये की लागत वाला प्रायोरिटी कॉरिडोर चालू किया जाएगा। पूरी ऑरेंज लाइन पर कुल 6941 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
2030 तक होंगी चालू
भोपाल मेट्रो की दो मुख्य लाइनें ऑरेंज और ब्लू (भदभदा से सोनागिरी) 2030 तक पूरी तरह शुरू करने का लक्ष्य है। सभी स्टेशन पर लिफ्ट, एस्केलेटर, ब्रेल साइनेज, साफ-सुथरे टॉयलेट, पीने का पानी और दिव्यांगों के लिए विशेष सुविधाएं रहेंगी। अभी तक 7 मेट्रो ट्रेन सेट भोपाल पहुंच चुके हैं और कुल 27 सेट आने हैं। आने वाला वक्त भोपाल के लिए मेट्रो की स्पीड और स्मार्ट सफर लेकर आने वाला है।
