राजधानी भोपाल में रविवार सुबह ठीक 9 बजे मेट्रो ने पहली बार आम यात्रियों को लेकर रफ्तार पकड़ी। एम्स स्टेशन से रवाना हुई मेट्रो करीब 30 मिनट में सुभाष नगर स्टेशन पहुंची। इस ऐतिहासिक सफर में लगभग 100 यात्रियों ने हिस्सा लिया, जिनमें 7 साल के बच्चे से लेकर 75 साल तक के बुजुर्ग शामिल रहे। पहले दिन का सफर यात्रियों के लिए खास अनुभव रहा। किसी ने मोबाइल से वीडियो बनाए तो कोई खिड़की से शहर को नए नजरिए से देखता नजर आया। यात्रियों ने बताया कि मेट्रो साफ-सुथरी, आरामदायक और समय बचाने वाली है। बुजुर्गों और बच्चों के लिए यह सफर खास तौर पर सुरक्षित और सहज महसूस हुआ।
जैसे ही मेट्रो अलकापुरी, डीआरएम, आरकेएमपी और एमपी नगर स्टेशनों से आगे बढ़ी, यात्रियों ने आधुनिक अनाउंसमेंट सिस्टम का अनुभव लिया। “अगला स्टेशन बोर्ड ऑफिस है, दरवाजे बाईं ओर खुलेंगे, कृपया दरवाजों से हटकर खड़े हों” जैसी आवाजों ने सफर को मेट्रो शहरों जैसा अहसास दिया।
देश का 26वां मेट्रो शहर बना भोपाल
भोपाल के साथ ही देश में मेट्रो चलाने वाले शहरों की संख्या बढ़कर 26 हो गई है। मध्यप्रदेश में इससे पहले इंदौर में 31 मई को मेट्रो का कमर्शियल रन शुरू हुआ था। इंदौर मेट्रो को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भोपाल से वर्चुअली हरी झंडी दिखाई थी। भोपाल मेट्रो का औपचारिक उद्घाटन शनिवार को हुआ था। मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहरलाल खट्टर ने मेट्रो को हरी झंडी दिखाकर इसकी शुरुआत की थी। उद्घाटन के अगले ही दिन आम यात्रियों के लिए सेवा शुरू कर दी गई, जिससे शहरवासियों में उत्साह और भरोसा दोनों नजर आए।
Smiles, Tickets, and the First Ride! 🎫🙌
The wait is over!
Huge excitement at the #BhopalMetro stations as citizens queue up for their first journey.
From ticket counters to platforms, the energy is electric! #Bhopal #MetroFirstDay #ModernBhopal #PublicTransport pic.twitter.com/l6mWJJLoZQ— Bhopal Metro Rail (@OfficialMPMetro) December 21, 2025
मिलेगी ट्रैफिक से राहत
मेट्रो के कमर्शियल रन से भोपाल के सार्वजनिक परिवहन को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। सुभाष नगर से एम्स तक का यह रूट भीड़भाड़ वाले इलाकों को जोड़ता है। इससे सड़क यातायात का दबाव कम होगा और लोगों को तेज, सस्ता और भरोसेमंद विकल्प मिलेगा। भोपाल मेट्रो के पहले चरण की शुरुआत के साथ ही आगे के रूट्स को लेकर भी तैयारियां चल रही हैं। प्रशासन का दावा है कि चरणबद्ध तरीके से नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा, ताकि शहर के अधिक से अधिक हिस्सों को मेट्रो से जोड़ा जा सके। राजधानी के लिए यह सिर्फ एक सफर नहीं, बल्कि भविष्य की ओर बढ़ाया गया बड़ा कदम माना जा रहा है।
