मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार दो वर्षों के काम की समीक्षा कर रही है और आगे के तीन साल का टारगेट तय किया गया है। उन्होंने बताया कि 21 दिसंबर को भोपाल मेट्रो (Bhopal Metro News) ट्रेन समेत कई विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया जाएगा। उन्होंने यह भी घोषणा की कि 25 दिसंबर, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी वर्ष के समापन पर, राज्य सरकार दो लाख करोड़ रुपये से अधिक के उद्योगों का भूमिपूजन और लोकार्पण करेगी।
भले ही मेट्रो शुरू होने जा रही है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उद्घाटन समारोह में शामिल होने की संभावना नहीं है। आधिकारिक स्तर पर यह साफ हो चुका है कि मेट्रो की लॉन्चिंग राज्य सरकार ही करेगी।
सुरक्षा जांच पूरी
पिछले हफ्ते कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) ने भोपाल मेट्रो के प्रायोरिटी कॉरिडोर को औपचारिक अनुमति दे दी थी। सीएमआरएस की टीम 12 नवंबर को भोपाल पहुंची थी और तीन दिनों तक डिपो, ट्रैक, कंट्रोल सिस्टम और ट्रेन के हर तकनीकी पहलू की विस्तृत जांच की थी। कमिश्नर नीलाभ्र सेनगुप्ता ने टीम के साथ मेट्रो के नट-बोल्ट तक का निरीक्षण किया था।
कुछ निर्माण कार्य अधूरे
परियोजना से जुड़े अफसरों का कहना है कि ऑरेंज लाइन के कमर्शियल संचालन के लिए आवश्यक सभी तकनीकी और सुरक्षा कार्य पूरे हो चुके हैं।
स्टेशनों पर कुछ निर्माण कार्य शेष हैं, लेकिन अधिकारियों के अनुसार यह कमर्शियल रन में किसी तरह बाधा नहीं डालेगा।
8 प्रमुख स्टेशन
- सुभाष नगर
- केंद्रीय स्कूल
- डीबी मॉल
- एमपी नगर
- रानी कमलापति
- डीआरएम तिराहा
- अलकापुरी
- एम्स
यह कॉरिडोर राजधानी के सबसे व्यस्त इलाकों को जोड़ता है, जिससे शुरुआती चरण में ही यात्रियों की संख्या अधिक रहने की उम्मीद है।
पब्लिक ट्रांसपोर्ट को नई दिशा
मेट्रो की शुरुआत के साथ भोपाल उन चुनिंदा शहरों की सूची में शामिल होने जा रहा है, जहां आधुनिक मास ट्रांजिट सिस्टम यात्रियों को तेज और सुविधाजनक विकल्प देता है।
सरकार का दावा है कि मेट्रो से ट्रैफिक का दबाव कम होगा और शहर के लिए एक नई शहरी परिवहन संरचना तैयार होगी।
