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भोपाल मेट्रो के कमर्शियल रन को हरी झंडी मिलने वाली! CMRS की रिपोर्ट इसी हफ्ते, PM मोदी कर सकते हैं लोकार्पण

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Published On: 18 November 2025

राजधानी भोपाल में मेट्रो शुरू होने का इंतजार कर रहे लोगों के लिए बड़ी खबर है। मेट्रो के लिए सबसे जरूरी मानी जाने वाली कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) की रिपोर्ट इसी हफ्ते मेट्रो कॉरपोरेशन को सौंप दी जाएगी। अगर सब कुछ सही रहा, तो रिपोर्ट प्रदेश सरकार के पास जाएगी और फिर केंद्र से अंतिम मंजूरी मिलते ही भोपाल मेट्रो का कमर्शियल रन शुरू कर दिया जाएगा। खास बात यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद मेट्रो का लोकार्पण कर सकते हैं और चर्चाएं हैं कि वे भोपाल मेट्रो के पहले यात्री भी बन सकते हैं।

मेट्रो की सख्त जांच

सीएमआरएस की टीम 12 नवंबर को भोपाल पहुंची थी। इसके बाद 13, 14 और 15 नवंबर को टीम ने मेट्रो की एक-एक चीज़ खंगाल डाली। पहले दिन डिपो, एम्स स्टेशन तक का ट्रैक, सिग्नलिंग, ढलान, पानी निकासी सिस्टम जैसी तकनीकी चीज़ों को चेक किया गया। करीब 8 घंटे तक टीम लगातार मौके पर रही। दूसरे दिन टीम खुद मेट्रो में बैठकर सुभाषनगर से एम्स स्टेशन तक गई। इस दौरान ब्रेकिंग सिस्टम, स्पीड कंट्रोल, ट्रेन मूवमेंट समेत कई पहलुओं को लाइव टेस्ट किया गया। लगभग 10 घंटे तक जांच हुई। तीसरे दिन स्टेशन, ट्रैक और सुरक्षा सिस्टम का फिर से बारीकी से निरीक्षण किया गया। इसके बाद अफसरों के साथ बैठक भी की गई।

टीम ने नट-बोल्ट से लेकर कंट्रोल रूम तक सब कुछ चेक किया। मेट्रो अफसरों का कहना है कि कमर्शियल रन के लिए जरूरी सभी काम पूरे कर लिए गए हैं, सिर्फ कुछ स्टेशन पर सौंदर्यीकरण का काम बाकी है, जो संचालन में कोई बाधा नहीं बनाएगा। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि रिपोर्ट पॉजिटिव ही होगी।

सीएमआरएस की मंजूरी के बाद क्या होगा?

  • रिपोर्ट पहले मेट्रो कॉरपोरेशन को मिलेगी।
  • इसके बाद कॉरपोरेशन यह रिपोर्ट प्रदेश सरकार को देगा कि मेट्रो पूरी तरह तैयार है।
  • चूंकि लोकार्पण प्रधानमंत्री करेंगे, इसलिए PMO से तारीख मांगी जाएगी।
  • तारीख तय होते ही भोपाल वासियों को मेट्रो की सवारी का मौका मिल जाएगा।

किन-किन चीज़ों की जांच हुई?

  • डिपो और ट्रेनें
  • सभी स्टेशन
  • ट्रैक और टर्नआउट्स
  • सिग्नलिंग और ट्रेन कंट्रोल
  • थर्ड रेल पावर सप्लाई
  • ऑपरेशन और मेंटेनेंस
  • फायर सेफ्टी, इमरजेंसी सिस्टम
  • एस्कलेटर, लिफ्ट, PA सिस्टम
  • यात्री सुविधाएं और स्टेशन मैनेजमेंट

खास ध्यान फायर सिस्टम पर रहा। कंट्रोल रूम से भी टीम ने ट्रेनों की मूवमेंट और सिग्नलों की निगरानी की।

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