राजधानी भोपाल के JP चिकित्सालय में मरीजों को फफूंद लगी दवाइयाँ दिए जाने का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस मुद्दे को लेकर यूथ कांग्रेस ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। आरोप है कि मरीजों को दी जा रही दवाइयों की गुणवत्ता की अनदेखी की जा रही है, जो सीधे तौर पर लोगों की जान से खिलवाड़ है। यूथ कांग्रेस प्रदेश सचिव धनंजी गिरी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जयप्रकाश चिकित्सालय परिसर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और मामले की गंभीरता को उजागर किया। सीएमओ की अनुपस्थिति में उनके प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई।
प्रदर्शन के दौरान यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रतीकात्मक रूप से कांच का आईना दिखाकर स्वास्थ्य तंत्र की वास्तविक स्थिति सामने रखी। साथ ही फफूंद लगी दवा को साक्ष्य के तौर पर पेश किया गया। इस अनोखे विरोध का उद्देश्य यह दिखाना था कि सरकारी अस्पतालों में इलाज के नाम पर कैसी लापरवाही बरती जा रही है।
JP अस्पताल का मामला
यूथ कांग्रेस नेता धनंजी गिरी ने कहा कि जेपी अस्पताल में फफूंद लगी दवाइयाँ देना कोई छोटी चूक नहीं, बल्कि गंभीर अपराध है। यदि यह दवा मरीज को समय पर दे दी जाती तो उसकी जान जा सकती थी। उन्होंने सवाल उठाया कि इतने गंभीर मामले के बावजूद सीएमओ का मौके पर मौजूद न होना साफ दर्शाता है कि जिम्मेदार अधिकारी जवाबदेही से बच रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तुरंत कार्रवाई नहीं हुई तो यूथ कांग्रेस बड़े स्तर पर आंदोलन करेगी।
एनएसयूआई नेता अमन पठान ने कहा कि सरकारी अस्पताल आम और गरीब लोगों की आखिरी उम्मीद होते हैं, लेकिन यहां इलाज के नाम पर खतरा परोसा जा रहा है। यह घटना पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था की विफलता को उजागर करती है। उन्होंने साफ कहा कि इस मुद्दे पर एनएसयूआई चुप नहीं बैठेगी और दोषियों को कटघरे में खड़ा किया जाएगा।
भ्रष्टाचार का आरोप
यूथ कांग्रेस के मयंक सिंह ने इसे सिर्फ लापरवाही नहीं बल्कि भ्रष्टाचार का नतीजा बताया। उनका कहना था कि अगर आज इस मामले में सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में इससे भी बड़ी घटनाएं सामने आ सकती हैं। उन्होंने कहा कि युवा कांग्रेस मरीजों के अधिकारों की लड़ाई लगातार लड़ती रहेगी। इस विरोध प्रदर्शन में ब्लॉक अध्यक्ष कांग्रेस राहुल गिरी, अभय सोलंकी, प्रियांक सैकवार, अनिकेत द्विवेदी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में मांग की कि दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ तुरंत कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि दोबारा इस तरह की लापरवाही न हो और मरीजों का भरोसा स्वास्थ्य व्यवस्था पर बना रहे।
