MP में प्राथमिक और उपस्वास्थ्य केंद्रों पर अब महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर की शुरुआती जांच की सुविधा मिल सकेगी। इसके साथ ही आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को भी और प्रभावी बनाया जा रहा है। इसी उद्देश्य से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, मध्यप्रदेश द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) के लिए तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। यह प्रशिक्षण आपातकालीन देखभाल और VIA पद्धति से गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की स्क्रीनिंग दोनों पर केंद्रित है।
प्रशिक्षण का पहला चरण शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, सिवनी में आयोजित किया गया। यहां 35 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने प्रशिक्षण दिया। कार्यक्रम की खास बात यह रही कि इसमें केवल कक्षा आधारित पढ़ाई नहीं, बल्कि व्यावहारिक अभ्यास पर भी बराबर जोर दिया गया।
बढ़ा आत्मविश्वास
आपातकालीन सेवाओं के प्रशिक्षण में मैनिकिन के माध्यम से CPR, ABCDE असेसमेंट, सांस और रक्तसंचार से जुड़ी आपात स्थितियां, ट्रॉमा प्रबंधन, रक्तस्राव नियंत्रण, मातृ एवं नवजात आपातकाल जैसी स्थितियों से निपटने का अभ्यास कराया गया। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के अभ्यास से वास्तविक परिस्थितियों में तुरंत और सही निर्णय लेने में मदद मिलेगी।
प्रशिक्षण के दूसरे हिस्से में VIA आधारित सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग पर विस्तार से जानकारी दी गई। इसमें गर्भाशय ग्रीवा की संरचना, एसिटिक एसिड के उपयोग की प्रक्रिया, जांच के दौरान सावधानियां, पॉजिटिव और नेगेटिव परिणामों की पहचान, परामर्श, संक्रमण नियंत्रण, रिकॉर्ड संधारण और जरूरत पड़ने पर रेफरल की प्रक्रिया समझाई गई। प्रतिभागियों ने इस तकनीक का अभ्यास कर इसे व्यवहार में लागू करने का अनुभव भी लिया।
महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए अहम कदम
विशेषज्ञों का कहना है कि VIA जांच सरल, सस्ती और प्रभावी विधि है, जिससे सर्वाइकल कैंसर की पहचान शुरुआती स्तर पर की जा सकती है। इससे न केवल इलाज आसान होगा, बल्कि महिलाओं की जान बचाने में भी मदद मिलेगी। प्रशिक्षण से यह उम्मीद की जा रही है कि समुदाय स्तर पर स्क्रीनिंग की संख्या बढ़ेगी और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आएगा।स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, आने वाले समय में इसी तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम मंदसौर, सतना और विदिशा के चिकित्सा महाविद्यालयों में भी आयोजित किए जाएंगे। इसका लक्ष्य है कि प्रदेश के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी आपातकालीन प्रबंधन और VIA स्क्रीनिंग में पूरी तरह दक्ष हो सकें।
नई दिशा में स्वास्थ्य सेवाएं
राज्य के चिकित्सा महाविद्यालयों के सहयोग से शुरू की गई यह पहल ग्रामीण और शहरी—दोनों क्षेत्रों में महिलाओं के स्वास्थ्य और आपातकालीन देखभाल को नई मजबूती देगी। इससे उपस्वास्थ्य केंद्रों पर भरोसा बढ़ेगा और लोगों को इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।
