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कपड़ा उद्योग को रफ्तार देने दिल्ली पहुंचे CM मोहन यादव, केंद्रीय वस्त्र मंत्री से की अहम चर्चा

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Published On: 4 February 2026

CM मोहन यादव ने बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह से उद्योग भवन में मुलाकात की। इस बैठक को मध्यप्रदेश के कपड़ा और हथकरघा उद्योग के भविष्य के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों नेताओं के बीच केंद्र सरकार के स्तर पर लंबित मुद्दों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई और जल्द निर्णय लेने का आग्रह किया गया।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में वस्त्र उद्योग से जुड़े कई प्रस्ताव केंद्र सरकार के स्तर पर लंबित हैं, जिनके कारण निवेश और रोजगार सृजन की संभावनाएं प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि इन मामलों पर शीघ्र निर्णय लिया जाता है, तो राज्य में कपड़ा उद्योग को नई गति मिल सकती है और हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।

CM मोहन यादव

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि मध्यप्रदेश कपास उत्पादन के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। यहां कच्चे माल की उपलब्धता के साथ-साथ कुशल श्रमिकों और बेहतर कनेक्टिविटी की सुविधा भी मौजूद है। ऐसे में टेक्सटाइल पार्क, गारमेंट यूनिट और प्रोसेसिंग उद्योग स्थापित करने की व्यापक संभावनाएं हैं। राज्य सरकार निवेशकों को हरसंभव सहयोग देने के लिए तैयार है।

नीतिगत सहयोग पर हुई चर्चा

मुलाकात के दौरान केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने आग्रह किया कि केंद्र सरकार की वस्त्र उद्योग से जुड़ी योजनाओं का लाभ मध्यप्रदेश को अधिक प्रभावी तरीके से मिले। इससे न सिर्फ उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि पारंपरिक हथकरघा और हस्तशिल्प से जुड़े कारीगरों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।

अधिकारियों की मौजूदगी

इस बैठक में केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय की सचिव नीलम शमी राव सहित मंत्रालय और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों के स्तर पर लंबित प्रक्रियाओं, फाइलों की स्थिति और भविष्य की कार्ययोजना पर भी विचार-विमर्श किया गया। माना जा रहा है कि इस संवाद के बाद कई मामलों में जल्द प्रगति देखने को मिल सकती है।

राजनीतिक और औद्योगिक हलकों में इस मुलाकात को मध्यप्रदेश के लिए अहम माना जा रहा है। कपड़ा उद्योग राज्य की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। यदि केंद्र से सकारात्मक फैसले आते हैं, तो आने वाले समय में मध्यप्रदेश टेक्सटाइल सेक्टर का बड़ा हब बनकर उभर सकता है।

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