,

भोपाल मेट्रो ट्रैक पर उतरी CMRS की टीम, इमरजेंसी ब्रेक से लेकर ड्रेनेज तक हर सिस्टम की हुई कड़ी परीक्षा

Author Picture
Published On: 14 November 2025

भोपाल की बहुप्रतीक्षित मेट्रो अब सचमुच ट्रैक पर आने के एकदम करीब है। कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) की टीम शुक्रवार को सीधे ट्रैक पर उतर गई और सुबह 10 बजे से शाम तक कई चरणों में सिस्टम का बारीकी से निरीक्षण किया। शाम 4.30 बजे टीम मेट्रो में बैठी और एमपी नगर से रानी कमलापति स्टेशन के बीच चलती ट्रेन में इमरजेंसी ब्रेक लगाकर पूरा ब्रेकिंग सिस्टम परखा गया।

सुभाषनगर, केंद्रीय स्कूल, डीबी मॉल और आरकेएमपी स्टेशन पर टीम ने ट्रेन रोककर हर तकनीकी पहलू की जांच की। खुद कमिश्नर नीलाभ्र सेनगुप्ता पहली बार भोपाल के निरीक्षण दौरे में टीम के साथ मौजूद रहे। टीम नई दिल्ली से तीन दिन के दौरे पर आई है और लगातार सभी सुरक्षा मानकों को परख रही है। गुरुवार को डिपो और एम्स स्टेशन तक ट्रैक, सिग्नलिंग और सुरक्षा तैयारियों का रिव्यू किया गया था। यहां पानी गिराकर ट्रैक लेवल और ढाल चेक की गई थी ताकि बारिश में ड्रेनेज सिस्टम की दिक्कत साफ हो सके।

दूसरे दिन हुआ निरीक्षण

शुक्रवार को तय समय 10 बजे से निरीक्षण शुरू हुआ, लेकिन उम्मीद से ज्यादा टेस्टिंग की जरूरत को देखते हुए जांच शाम के बाद तक चलती रही। टीम ने अंदर बैठकर भी कई पैरामीटर चेक किए और हर अलग-अलग बिंदु को रिकॉर्ड में दर्ज किया।

क्या काम है CMRS का?

सरल शब्दों में मेट्रो को जनता के लिए खोलना है या नहीं, इसका अंतिम फैसला CMRS ही देता है। सुरक्षा रिपोर्ट में कहीं भी खामी मिली तो संचालन की अनुमति नहीं मिलती। कई छोटी खामियां पिछले दौरे में सामने आई थीं जिन्हें अब दुरुस्त कर दिया गया है, इसी वजह से इस दौरे से ‘ओके रिपोर्ट’ मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।

नवंबर लॉन्च की राह साफ?

सरकार का मूल टारगेट अक्टूबर था, मगर बिहार चुनाव में प्रशासनिक सिस्टम व्यस्त होने की वजह से मेट्रो का कॉमर्शियल रन टल गया। अब नवंबर में ट्रेन के पब्लिक रन की संभावना मजबूत है। रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी जाएगी, वहां से मंजूरी मिलते ही डेट तय की जाएगी। चर्चा है कि पहला सफर प्रधानमंत्री मोदी कर सकते हैं।

कहां तक तैयार है रूट?

एम्स से करोंद तक 16.05 किमी का रूट है। प्राथमिकता वाले 6.22 किमी सेक्शन एम्स से सुभाषनगर और सुभाषनगर से आरकेएमपी तक लगभग पूरा हो चुका है। बाकी अलकापुरी, एम्स और डीआरएम स्टेशन पर फिनिशिंग चल रही है। दो साल पहले 2023 में पहला ट्रायल हुआ था जब शिवराज सिंह चौहान ने सुभाषनगर से रानी कमलापति तक यात्रा की थी। अब तीसरे और सबसे निर्णायक निरीक्षण के बाद भोपाल मेट्रो के पटरी पर उतरने का समय बेहद नजदीक पहुंच चुका है।

Related News
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp