मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में जिलेभर से आए नागरिकों ने अपनी समस्याएं कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के समक्ष रखीं। इस दौरान कुल 125 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें राजस्व, पेंशन, आवास, बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा और सामाजिक योजनाओं से जुड़ी शिकायतें शामिल रहीं। जनसुनवाई में बड़ी संख्या में ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के लोग पहुंचे, जिन्होंने प्रशासन से त्वरित समाधान की अपेक्षा जताई।
कलेक्टर ने प्रत्येक आवेदक से व्यक्तिगत रूप से संवाद किया और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। कई मामलों में मौके पर ही समाधान करने का प्रयास किया गया, जबकि जटिल मामलों को संबंधित विभागों को सौंपते हुए समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि जनसुनवाई का उद्देश्य आम नागरिकों को प्रशासन तक सीधी पहुंच देना और उनकी शिकायतों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करना है।
जनसुनवाई
कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर ने मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नागरिकों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और गंभीरता बरतें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक आवेदन का निष्पक्ष और समयबद्ध समाधान किया जाए, ताकि जनता का प्रशासन पर भरोसा मजबूत हो सके। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि शिकायतों के निस्तारण में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रशासनिक अमले की रही सक्रिय भूमिका
जनसुनवाई के दौरान जिला पंचायत सीईओ इला तिवारी, एडीएम प्रकाश नायक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने आवेदनों को नोट किया और आवश्यक दिशा-निर्देश प्राप्त किए। कई मामलों में विभागीय अधिकारियों ने मौके पर ही प्राथमिक कार्रवाई शुरू कर दी, जिससे फरियादियों को राहत का भरोसा मिला।
जनसुनवाई में पहुंचे नागरिकों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना की। कई आवेदकों ने कहा कि जनसुनवाई के माध्यम से उन्हें अपनी बात सीधे उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का अवसर मिला। कलेक्टर ने भी सभी आवेदकों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान किया जाएगा और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली की लगातार निगरानी की जाएगी।
सुशासन की दिशा में अहम कदम
प्रशासन का मानना है कि जनसुनवाई जैसी पहलें सुशासन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाती हैं। इससे न केवल समस्याओं का समाधान तेजी से होता है, बल्कि नागरिकों और प्रशासन के बीच संवाद और विश्वास भी बढ़ता है।
