सतना जिले के ग्राम कोल्हुआ निवासी किसान सूर्य प्रताप सिंह उर्फ बिटलू सिंह ने सेवा सहकारी समिति सज्जनपुर में धान तौलाई घोटाले की शिकायत की है। किसान ने बताया कि 2 दिसंबर 2025 को खेल मैदान केंद्र पर उनकी 533 बोरी धान तौली गई थी, लेकिन सोसायटी ने तौल के बाद केवल 433 बोरी ही दर्ज की। इस प्रक्रिया में 100 बोरी धान गायब हो गई, जिससे किसान को आर्थिक नुकसान हुआ।
सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि तौल के समय उन्हें कोई तौल पर्ची नहीं दी गई, जबकि अन्य सोसाइटियों में यह सामान्य प्रथा है। उन्होंने इस बात को गंभीर अनुशासनहीनता और लापरवाही का उदाहरण बताया। तौल पर्ची न मिलने के कारण उनके पास किसी प्रकार का लिखित सबूत भी नहीं है, जिससे समस्या की जांच और समाधान और जटिल हो गया है।
सतना में धान तौलाई घोटाले की शिकायत
किसान ने समिति प्रबंधक पर आरोप लगाते हुए कहा कि तौल में फेरबदल और लापरवाही की वजह से उनका धान गायब हुआ। उन्होंने खाद्य आपूर्ति विभाग से अनुरोध किया है कि मामले की तुरंत जांच की जाए और 100 बोरी के बकाया मूल्य की अदायगी सुनिश्चित की जाए। किसान ने यह भी कहा कि यदि ऐसे मामलों की नियमित निगरानी नहीं की गई, तो अन्य किसानों के हितों को भी गंभीर नुकसान हो सकता है।
सतना जिले में सज्जनपुर के धान खरीदी केंद्र पर इस तरह की कई शिकायतें पहले भी सामने आई हैं। किसान और स्थानीय निवासी अक्सर यह आरोप लगाते रहे हैं कि धान तौलने और दर्ज करने में अनियमितता होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी समस्याओं से किसानों का विश्वास संस्थागत प्रक्रियाओं से उठ जाता है और कृषि क्षेत्र में वित्तीय नुकसान बढ़ता है।
कृषकों की मांग
किसानों का कहना है कि धान तौलाई प्रक्रिया में पारदर्शिता और तौल पर्ची की अनिवार्य व्यवस्था होनी चाहिए। इसके साथ ही धान खरीदी केंद्रों पर समय-समय पर विभागीय निरीक्षण और शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत करने की आवश्यकता है, ताकि किसान सुरक्षित और भरोसेमंद तरीके से अपनी फसल बेच सकें।
