MP में भाजपा सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर कांग्रेस ने गुरुवार को राजधानी भोपाल में संयुक्त प्रेस वार्ता आयोजित कर सरकार की नीतियों, आर्थिक प्रबंधन और प्रशासनिक शैली पर तीखे सवाल उठाए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि सरकार जश्न मना रही है, जबकि जनता महंगाई, बेरोज़गारी, कर्ज़ और बदहाल व्यवस्थाओं से कराह रही है। इस दौरान CWC सदस्य कमलेश्वर पटेल, उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे और मीडिया विभाग प्रमुख मुकेश नायक भी मौजूद रहे। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा एक पेड़ मां के नाम, और जंगल उद्योगपतियों के नाम क्या यही विकास मॉडल है?
जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि सरकार विकास की चमकीली तस्वीर दिखाती है, पर जमीनी स्थिति बेहद गंभीर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश पर 4 लाख 75 हजार करोड़ का कर्ज चढ़ चुका है और भाजपा के 22 साल के शासन ने मध्यप्रदेश को आर्थिक रूप से खोखला कर दिया है।
शिक्षा व्यवस्था पर सवाल
पटवारी ने शिक्षा विभाग की स्थितियों पर चिंता जताई। उनके अनुसार, 2013 में 1 करोड़ 59 लाख छात्र थे, आज संख्या घटकर 1 करोड़ 4 लाख रह गई है, जबकि बजट 7000 करोड़ से बढ़कर 37 हजार करोड़ हो गया।
भ्रष्टाचार पर सरकार की चुप्पी
पटवारी ने लोकायुक्त मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि 269 IPS अधिकारियों पर केस दर्ज होने के बाद भी सरकार अनुमति नहीं दे रही। भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई की बात करने वाले खुद भ्रष्टाचार को ढाल बनाए बैठे हैं। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री की गारंटियों पर भी सवाल उठाए। पटवारी ने बताया कि लाड़ली बहनों को 1.12 लाख करोड़ मिलना था, उपलब्ध कराया सिर्फ़ 43 हजार करोड़, बाकी पैसा किसके पास गया सरकार जवाब दे।
धरातल पर शून्य
पटवारी ने कहा कि 10 साल में 30 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव आए, पर जमीन पर केवल 10% निवेश दिखा। 11 दिन की विदेश यात्रा में 33 करोड़ खर्च कर दिए, लेकिन रोजगार और निवेश अभी तक नहीं दिखा। ताली बजाने से फैक्ट्रियाँ नहीं खुलतीं। उन्होंने कहा कि मक्का-सोयाबीन के दाम औंधे पड़े हैं, गेहूं का भुगतान अधूरा है। किसान लाइन में खड़े हैं, पुलिस लाठियाँ बरसा रही यह कैसा किसान सम्मान?
अपनी दो साल की नाकामियों पर पर्दा डालने के लिए मुख्यमंत्री असल सवालों से बचते रहे।
: श्री जीतू पटवारी जी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष.
📍भोपाल I प्रेस वार्ता pic.twitter.com/65LDoMyBXS
— MP Congress (@INCMP) December 12, 2025
विकास की बात
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि भाजपा दो दशक से सत्ता में है, पर मध्यप्रदेश अभी भी BIMARU राज्यों में गिना जाता है। कुपोषण, स्वास्थ्य संकट, बेरोज़गारी और अपराध क्या यही 22 साल का विकास मॉडल है? आगे उन्होंने कहा कि सरकार Vision Document के बहाने सिर्फ प्रचार कर रही है और मुद्दों पर चर्चा से बच रही है। 4 दिन का सत्र कोई गंभीर बहस नहीं। Vision Document विपक्ष से बिना चर्चा थोप दिया गया। उन्होंने बताया कि CAG रिपोर्ट में 6,467 डॉक्टरों की कमी दर्ज है। कुपोषण की स्थिति और भी भयावह 40% बच्चे ठिगने, 26% कम वजन के है। सरकार आयोजन कर रही है, बच्चे कुपोषण से जूझ रहे हैं।
सरकार की घोषणा
प्रदेश में शिक्षित बेरोज़गारी दर 15.9% है और 25 लाख युवा रोजगार पोर्टल पर पंजीकृत हैं। सरकार भर्ती नहीं, घोषणाएँ कर रही है। सिंघार ने कहा कि 7,217 स्कूलों में एक शिक्षक, 223 स्कूल बिना शिक्षक, 463 स्कूल बिना छात्र शामिल रहे। उन्होंने कहा कि शिक्षित मध्यप्रदेश का मॉडल कागजों पर है, जमीन पर नहीं। सिंघार ने कहा कि सरकार जश्न मनाने से पहले रियलिटी डॉक्यूमेंट पेश करे। कांग्रेस ने दोहराया कि जनता के हित में काम होगा तो समर्थन देंगे, पर अन्याय पर चुप नहीं बैठेंगे।
