MP विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान मनरेगा का नाम बदलने के फैसले पर सियासत गरमा गई। भाजपा सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदलकर “विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)” किए जाने के विरोध में कांग्रेस विधायक दल ने विधानसभा परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने जोरदार और प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया। विरोध का नेतृत्व विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने किया, जिनके साथ बड़ी संख्या में कांग्रेस विधायक मौजूद रहे।
कांग्रेस विधायक दल ने कहा कि मनरेगा केवल एक सरकारी योजना भर नहीं है, बल्कि यह महात्मा गांधी की सोच, ग्रामीण भारत के स्वाभिमान और रोजगार की संवैधानिक गारंटी का जीवंत उदाहरण है। पार्टी का आरोप है कि योजना का नाम बदलना सीधे तौर पर गांधीवादी विचारधारा और गांवों में मेहनत करने वाले मजदूरों के अधिकारों पर हमला है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि नाम बदलकर सरकार उस ऐतिहासिक पहचान को मिटाने की कोशिश कर रही है, जो दशकों से ग्रामीण गरीबों के भरोसे का आधार रही है।
असल मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप
कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि वह नाम बदलने की कवायद के जरिए मूल समस्याओं से ध्यान हटाना चाहती है। पार्टी ने सवाल उठाया कि जब ग्रामीण इलाकों में समय पर रोजगार नहीं मिल रहा, मजदूरी भुगतान में देरी हो रही है और काम के दिन लगातार घट रहे हैं, तब सरकार को इन बुनियादी सवालों का जवाब देना चाहिए। कांग्रेस का कहना है कि नाम बदलने से न तो मजदूर की जेब भरेगी और न ही गांवों में बेरोजगारी कम होगी।
सरकार की मंशा पर उठाए सवाल
विरोध के दौरान कांग्रेस विधायक दल ने यह सवाल भी खड़ा किया कि भाजपा सरकार को गांधी के नाम और उनके विचारों से आखिर परहेज क्यों है। क्या यह गांधी विचारधारा से डर है या फिर उनके ऐतिहासिक योगदान के प्रति सम्मान की कमी? नेताओं ने कहा कि मनरेगा का नाम बदलना सिर्फ राजनीतिक दिखावे का हिस्सा है, जिसका जमीनी हकीकत से कोई लेना-देना नहीं है।
आज मध्यप्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान, केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना का नाम बदलकर “विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)” VB-G RAM G (जी राम जी) किए जाने के निर्णय के विरुद्ध कांग्रेस विधायक दल ने नेता प्रतिपक्ष श्री @UmangSinghar… pic.twitter.com/lcxWmobiGJ
— MP Congress (@INCMP) December 17, 2025
हर स्तर पर विरोध का ऐलान
कांग्रेस ने साफ शब्दों में कहा कि यह फैसला मनमाना, जनविरोधी और पूरी तरह राजनीति से प्रेरित है। पार्टी ने चेतावनी दी कि वह इस निर्णय का विरोध केवल सदन तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि जरूरत पड़ी तो सड़क से लेकर गांव-गांव तक जनता की आवाज बुलंद करेगी। कांग्रेस विधायक दल का कहना है कि जब तक ग्रामीण मजदूरों के अधिकार और रोजगार की गारंटी सुरक्षित नहीं होती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
