MP विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र से पहले कांग्रेस विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार, 16 दिसंबर को भोपाल में बुलाई गई है। यह बैठक शाम 7:30 बजे बी-12 (ए), 74 बंगला स्थित कार्यालय में होगी। बैठक की अध्यक्षता नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार करेंगे। माना जा रहा है कि इस बैठक में विशेष सत्र को लेकर कांग्रेस की पूरी रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा।
कांग्रेस विधायक दल की यह बैठक खास तौर पर 17 दिसंबर को होने वाले विधानसभा के विशेष सत्र को ध्यान में रखकर आयोजित की जा रही है। विशेष सत्र का विषय MP को विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनाने पर केंद्रित है। कांग्रेस इस सत्र में सरकार के दावों और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर को उजागर करने की तैयारी में है।
सामाजिक मुद्दों पर चर्चा
बैठक में प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर विस्तार से मंथन किया जाएगा। इसके साथ ही किसानों की आय, युवाओं को रोजगार, महिलाओं की सुरक्षा, आदिवासी, दलित, पिछड़े और कमजोर वर्गों से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाने पर सहमति बनाई जाएगी। कांग्रेस विधायक यह तय करेंगे कि सरकार की किन नीतियों पर सवाल खड़े करने हैं और किन मुद्दों को सदन के पटल पर मजबूती से रखा जाएगा।
सरकार की नीतियों की होगी समीक्षा
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में मौजूदा सरकार की विकास योजनाओं और नीतियों की समीक्षा भी की जाएगी। यह आकलन किया जाएगा कि सरकार द्वारा किए गए वादे कितने पूरे हुए और किन क्षेत्रों में प्रदेश पिछड़ रहा है। इसी आधार पर विशेष सत्र के दौरान कांग्रेस का रुख और सवाल तय किए जाएंगे।
LIVE: Press briefing by senior Madhya Pradesh leaders at Congress Office, New Delhi.https://t.co/c3jeR738U3
— MP Congress (@INCMP) December 15, 2025
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का कहना है कि प्रदेश को सच में विकसित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए केवल नारे काफी नहीं हैं। इसके लिए ठोस नीतियां और मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति जरूरी है। उन्होंने साफ कहा कि एक दिवसीय विशेष सत्र केवल औपचारिकता बनकर न रह जाए, बल्कि इसमें किसानों की स्थिति, बेरोजगारी, महिलाओं की सुरक्षा और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए।
जनता की आवाज बनेगी कांग्रेस
कांग्रेस विधायक दल का दावा है कि वह विशेष सत्र में जनता से जुड़े वास्तविक सवालों को पूरी मजबूती से उठाएगा। बैठक में इस बात पर भी सहमति बनाई जाएगी कि सदन में प्रदेश के भविष्य की स्पष्ट और व्यावहारिक रूपरेखा कैसे रखी जाए। कांग्रेस का कहना है कि उसका उद्देश्य सरकार को घेरना नहीं, बल्कि प्रदेश के हित में ठोस सुझाव और सवाल सामने रखना है।
