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भोपाल में मिलावट पर शिकंजा, दूध और दुग्ध उत्पादों के दर्जनों नमूने जांच के लिए भेजे गए

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Published On: 16 January 2026

भोपाल में दूध और दुग्ध उत्पादों में मिलावट, मिसब्रांडिंग और अनाधिकृत निर्माण पर रोक लगाने के लिए भारत सरकार के निर्देश पर विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में खाद्य सुरक्षा प्रशासन विभाग, जिला भोपाल ने शहर के विभिन्न प्रतिष्ठानों से दूध, पनीर, खोया और अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र किए हैं। इस अभियान का उद्देश्य आमजन को शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है।

मुख्यालय खाद्य सुरक्षा अधिकारी पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि शहर के अलग-अलग इलाकों में स्थित डेयरियों, मिठाई दुकानों, रेस्टोरेंट और किराना स्टोर्स से नमूने लिए गए हैं। डीडी इंटरप्राइजेज से पनीर और घी, संजीव डेयरी (नूर महल रोड) से वेजिटेबल फैट, बटर और मिश्रित दूध के सैंपल लिए गए। वहीं अयोध्या बाईपास स्थित द गोल्डन रिट्रीट से सिंथेटिक फूड कलर और धनिया पाउडर के नमूने जुटाए गए।

भोपाल में मिलावट पर शिकंजा

खाद्य सुरक्षा टीम ने न्यू मार्केट स्थित अन्नपूर्णा मिष्ठान भंडार से मलाई बर्फी, तिल्ली और मूंगफली के लड्डू के नमूने लिए। पीर गेट के कृष्णा मिष्ठान भंडार से मावा और दही, एसबीआई स्टाफ कैंटीन से दही और घी, जबकि नारियलखेड़ा स्थित होटल सूरज पैलेस से दही और बेसन के सैंपल लिए गए। इन सभी उत्पादों की गुणवत्ता और शुद्धता की जांच की जाएगी।

अभियान के दौरान करोंद, रातीबड़, टीटी नगर, बैरागढ़, साकेत नगर और दानिश कुंज सहित कई इलाकों में स्थित किराना स्टोर्स और रेस्टोरेंट्स से भी खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए। इनमें गेहूं, आटा, पोहा, रवा, बेसन, दालें, नमकीन और गाय का घी शामिल है। अधिकारियों का कहना है कि अभियान केवल डेयरियों तक सीमित नहीं है, बल्कि रोजमर्रा के सभी खाद्य पदार्थों को कवर किया जा रहा है।

राज्य खाद्य प्रयोगशाला में होगी जांच

सभी नमूनों को राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, ईदगाह हिल्स भोपाल भेजा गया है। यहां दूध और दुग्ध उत्पादों में स्टार्च, आयोडीन, माइक्रोबियल तत्व, फैट और मॉइस्चर कंटेंट की जांच की जाएगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी नमूने में मिलावट या मानकों का उल्लंघन पाया गया, तो संबंधित प्रतिष्ठान पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

आमजन से सतर्क रहने की अपील

खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल प्रमाणित और विश्वसनीय प्रतिष्ठानों से ही दूध और खाद्य पदार्थ खरीदें। किसी भी तरह की शंका होने पर खाद्य सुरक्षा विभाग को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

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