भोपाल संभागायुक्त संजीव सिंह ने टीएल बैठक के दौरान संभाग में संचालित “संकल्प से समाधान अभियान” की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में संभागीय नोडल अधिकारियों से अभियान के क्रियान्वयन, आवेदनों की स्थिति और हितग्राहियों को मिल रहे लाभ की जानकारी ली गई। संभागायुक्त ने शासन की मंशा के अनुरूप अभियान को प्रभावी, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण तरीके से लागू करने के निर्देश दिए।
संभागायुक्त ने कहा कि अभियान के तहत चिन्हित 106 सेवाओं और योजनाओं के माध्यम से आम नागरिकों की समस्याओं का समय-सीमा में निराकरण किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि पात्र हितग्राहियों को शासकीय योजनाओं का लाभ समय पर मिले और किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न हो। उद्देश्य यह है कि नागरिकों को दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें और समाधान सरल व सुलभ हो।
भोपाल में संकल्प से समाधान अभियान
बैठक में लोकसेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत आने वाली सेवाओं तथा “संकल्प से समाधान अभियान” के आवेदनों की ऑनलाइन मॉनीटरिंग पर विशेष जोर दिया गया। संभागायुक्त ने निर्देश दिए कि सभी आवेदन निर्धारित समय-सीमा में निपटाए जाएं और लंबित मामलों की नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि देरी या लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।
संभागायुक्त ने ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर पर प्राप्त विभागवार आवेदनों की गहन जांच करने और ब्लॉक स्तर पर नियमित मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर समस्याओं की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए, ताकि अभियान का वास्तविक लाभ आम नागरिकों तक पहुंच सके।
उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मान
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जिलों द्वारा किए जा रहे नवाचारों और उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जिला और संभाग स्तर पर पुरस्कृत किया जाएगा। इससे प्रशासनिक तंत्र में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और बेहतर कार्य संस्कृति को प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही संभाग स्तर पर मॉनीटरिंग को मजबूत करने के लिए विभागीय अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए गए।
संभागायुक्त ने सभी जिलों में स्वच्छ जल, जल सुरक्षा और जनसुनवाई को निरंतर जारी रखने के निर्देश दिए। स्वच्छ जल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए गुणवत्ता नियंत्रण की एसओपी का सख्ती से पालन करने पर बल दिया गया। इसके अलावा, सभी जिलों को जनसुनवाई से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट सात दिनों के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ाने की पहल
संभाग स्तर पर “संकल्प से समाधान अभियान” की यह सख्त मॉनीटरिंग प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। उम्मीद है कि इस पहल से नागरिकों की समस्याओं का समाधान तेज, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से हो सकेगा।
