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MP के बजट पर चुनावी दबाव भारी, क्षेत्रीय बैठक में उठा वित्तीय संकट का मुद्दा

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Published On: 20 December 2025

MP News : नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि मौजूदा समय में राज्यों की आर्थिक हालत चिंताजनक होती जा रही है। चुनावी और राजनीतिक दबावों के चलते ऐसी घोषणाएं की गईं, जिनका सीधा असर राज्य सरकारों के बजट पर पड़ा है। इसी कारण आज राज्यों को विकास कार्यों के लिए केंद्र सरकार की ओर अधिक आशा भरी नजरों से देखना पड़ रहा है।

विजयवर्गीय शनिवार को केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा आयोजित शहरी विकास मंत्रियों की क्षेत्रीय बैठक (उत्तरी व मध्य राज्य) को संबोधित कर रहे थे। यह बैठक कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में आयोजित की गई, जिसमें कई राज्यों के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

खुद संभालनी होगी कमान

मंत्री ने कहा कि अब समय आ गया है जब शहरों को स्वयं “ड्राइविंग सीट” पर बैठकर अपने और आसपास के क्षेत्रों के विकास की जिम्मेदारी लेनी होगी। राज्य सरकारें आत्मनिर्भर बनने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन चुनावी वादों के कारण उन पर लगातार राजनीतिक दबाव बना रहता है, जिससे वित्तीय संतुलन बिगड़ जाता है। विजयवर्गीय ने कहा कि राजनीतिक प्रतिबद्धताओं के चलते केंद्र से जिस स्तर की आर्थिक सहायता की उम्मीद की जाती है, वह कई बार पूरी नहीं हो पाती। मध्यप्रदेश का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि अमृत योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना में केंद्र से और अधिक सहयोग की आवश्यकता है, ताकि योजनाओं को गति दी जा सके।

आय का अंतर कम करना जरूरी: मनोहर लाल

बैठक में केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ने के लिए आय के अंतर को कम करना बेहद जरूरी है। यह काम केंद्र और राज्यों के आपसी तालमेल से ही संभव है। उन्होंने कहा कि प्रदेशों को अपने संसाधनों को मजबूत करना होगा। मनोहर लाल ने बताया कि अनुमान के मुताबिक देश का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा शहरी हो चुका है, लेकिन वास्तविक स्थिति जनगणना 2026 के बाद ही स्पष्ट होगी। उन्होंने साफ किया कि कॉलोनाइजेशन और भूमि प्रबंधन राज्यों का विषय है, जबकि केंद्र की भूमिका सहयोग तक सीमित है।

समय पर खर्च जरूरी

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र का बजट सीमित होता है। कई राज्यों में आवंटित राशि का पूरा उपयोग समय पर नहीं हो पाता। ऐसी स्थिति में जब अन्य राज्यों से मांग आती है, तो बची हुई राशि का पुनर्वितरण करना पड़ता है। बैठक में छत्तीसगढ़, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के शहरी विकास मंत्री, राज्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 की कार्य-दिशा पुस्तिका का विमोचन भी किया गया। बैठक के पांच सत्रों में अमृत योजना की प्रगति, ठोस कचरा प्रबंधन, प्रधानमंत्री आवास योजना, अंगीकार अभियान और शहरी परिवहन व्यवस्था जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से मंथन किया गया।

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