MP में ‘कृषक कल्याण वर्ष’ की औपचारिक शुरुआत रविवार को राजधानी भोपाल में भव्य अंदाज में हुई। कोकता बायपास स्थित आरटीओ कार्यालय के पास मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने करीब 1101 ट्रैक्टरों की विशाल रैली को हरी झंडी दिखाई। खास बात यह रही कि मुख्यमंत्री स्वयं ट्रैक्टर चलाते हुए रैली में शामिल हुए, जिससे किसानों में खासा उत्साह देखने को मिला। उनके साथ कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना और विधायक रामेश्वर शर्मा भी ट्रैक्टर पर सवार रहे।
ट्रैक्टर रैली के बाद जंबूरी मैदान में मुख्य कार्यक्रम आयोजित हुआ, जहां मुख्यमंत्री ने ई-विकास पोर्टल, एग्री स्टैक वितरण प्रणाली और खाद आपूर्ति पोर्टल का शुभारंभ किया। इन डिजिटल व्यवस्थाओं के जरिए अब किसान मोबाइल एप और पोर्टल से खाद की बुकिंग कर सकेंगे और सीधे डिलीवरी पाएंगे। सरकार का दावा है कि इससे खाद के लिए लगने वाली लंबी कतारें और भटकाव खत्म होगा।
MP थामा स्टीयरिंग
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने भगवान किसान बलराम के जयकारों के साथ किसानों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारत ही ऐसा देश है, जहां प्रकृति के साथ जीवन जीने की परंपरा है। उन्होंने साफ कहा कि कृषक कल्याण वर्ष केवल कृषि विभाग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि 16 विभाग मिलकर गांव, किसान और खेती की तस्वीर बदलेंगे। मुख्यमंत्री ने नर्मदा और अन्य नदियों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश को हरा-भरा बनाने के लिए सरकार ने ठोस कदम उठाए हैं। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पहले विकास में कंजूसी होती थी, जबकि वर्तमान सरकार ने फैसले लेकर दिखाए। लाड़ली बहना योजना, किसान सम्मान निधि और राज्य की अतिरिक्त सहायता का भी उन्होंने उल्लेख किया।
किसानों की आय बढ़ाने का रोडमैप
सीएम यादव ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाना और लागत कम करना है। इसके लिए फूड पार्क विकसित किए जाएंगे, जिससे उपज खराब होने की समस्या खत्म होगी। किसानों को इन उद्योगों में साझेदार बनाया जाएगा। साथ ही तीन साल में 30 लाख किसानों को सोलर पंप देने की घोषणा की गई, जिससे बिजली पूरी तरह मुफ्त होगी। मुख्यमंत्री ने चना और सरसों पर विशेष शोध, फसलों के विविधीकरण और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने कहा कि रासायनिक खाद पर निर्भरता कम करना जरूरी है। रोटावेटर आधी कीमत पर देने, पराली से आय के नए विकल्प और जैविक खेती को बढ़ावा देने की योजनाएं भी साझा की गईं।
भोपाल में ‘कृषक कल्याण वर्ष-2026’ के शुभारंभ अवसर पर किसानों की वृहद ट्रैक्टर रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
हम वर्ष भर विभिन्न योजनाओं के माध्यम से अपने किसान भाई-बहनों के हित और उनकी आय बढ़ाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगे।#MPकृषक_कल्याण_वर्ष2026 pic.twitter.com/1chSPHoWQ0
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) January 11, 2026
आदिवासी और छोटे किसानों के लिए बड़ी घोषणा
डिंडोरी में श्रीअन्न अनुसंधान केंद्र स्थापित करने और कोदो-कुटकी की खरीद एमएसपी पर करने की घोषणा ने आदिवासी और छोटे किसानों को खास राहत दी। मूंग और उड़द की खेती पर बोनस देने की भी बात कही गई। किसानों के हित में वेदर इन्फॉर्मेशन डेटा सिस्टम तैयार करने की घोषणा की गई, जिससे मौसम की सटीक जानकारी के आधार पर खेती को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही कीटनाशकों के सीमित उपयोग की अपील भी की गई।
इतिहास, आस्था और किसान
कोकता बायपास पर मुख्यमंत्री ने सोमनाथ मंदिर और अयोध्या राम मंदिर का उल्लेख करते हुए कहा कि आज देश आस्था और विकास, दोनों रास्तों पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जैसे उद्योग-रोजगार वर्ष मनाया गया, वैसे ही अब पूरा साल निरंतर कृषक कल्याण वर्ष रहेगा। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने जंबूरी मैदान में लगी कृषि प्रदर्शनी का अवलोकन किया, गौ-पूजन किया और मिनी ट्रैक्टर पर बैठकर आधुनिक कृषि यंत्रों की जानकारी ली। यह आयोजन किसानों के भरोसे और सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक बनकर उभरा।
