रीवा शहर में सिटी बस संचालन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। परिवहन विभाग की ओर से बस क्रमांक MP19P1402 को रेलवे स्टेशन से ISBT तक सिटी बस के रूप में संचालन की अनुमति दी गई है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आ रही है। रेलवे स्टेशन परिसर से जो बसें चल रही हैं, वे उस नंबर की नहीं हैं, जिनके लिए आधिकारिक तौर पर परमिट जारी हुआ है।
जानकारी के मुताबिक रेलवे स्टेशन से जिस बस का संचालन किया गया, वह रीवा रूट पर चलने वाली है। यह बस मोटर मालिक तिवारी की बताई जा रही है, जिसका नियमित रूट रेलवे स्टेशन से रीवा है। नियमों के अनुसार इस बस को सिटी बस रूट पर नहीं चलाया जा सकता, इसके बावजूद इसका संचालन स्टेशन परिसर से किया गया।
रीवा रूट की बस
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह बस केवल आज ही नहीं, बल्कि कल दिन में भी रेलवे स्टेशन से यात्रियों को लेकर रवाना हुई थी। आज सुबह से भी यही स्थिति देखने को मिली। लगातार दो दिन तक इस तरह का संचालन होने से यह सवाल उठ रहा है कि आखिर परिवहन विभाग और सिटी बस प्रबंधन की निगरानी व्यवस्था कहां चूक गई।
गलत रूट और अलग नंबर की बस चलने से यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई यात्रियों ने इसे सिटी बस समझकर टिकट लिया, जबकि बाद में उन्हें पता चला कि यह बस रीवा रूट की है। इससे स्टेशन परिसर में भ्रम की स्थिति बनी रही और सिटी बस सेवा की विश्वसनीयता पर भी असर पड़ा।
नियमों पर उठे सवाल
परिवहन नियमों के तहत जिस बस को जिस रूट का परमिट दिया जाता है, उसी रूट पर उसका संचालन किया जाना अनिवार्य है। अलग नंबर और अलग रूट की बस को सिटी बस स्टॉप से चलाना नियमों का खुला उल्लंघन माना जाता है। इसके बावजूद यदि बसें बेधड़क चल रही हैं, तो यह प्रशासनिक लापरवाही की ओर इशारा करता है।
जांच और कार्रवाई की मांग
मामले के सामने आने के बाद अब जरूरत है कि परिवहन विभाग इस पूरे प्रकरण की जांच करे। यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि सिटी बस परमिट का दुरुपयोग कैसे और किसके संरक्षण में हुआ। साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों और बस संचालक पर कार्रवाई की मांग भी उठने लगी है, ताकि भविष्य में इस तरह की गड़बड़ी दोबारा न हो।
