रीवा जिले के गुढ़ कस्बे में शनिवार शाम अचानक ऐसा धमाका हुआ, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। एक लाइसेंसी पटाखा व्यापारी के घर से उठी तेज आवाज के साथ आग की ऊंची लपटें दिखाई देने लगीं। कुछ ही पलों में पूरा मकान आग की चपेट में आ गया और आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों के मुताबिक, जिस घर में विस्फोट हुआ वह ‘बादल पटाखे वाले’ नाम से पहचाने जाने वाले व्यापारी का है। बताया जा रहा है कि घर के भीतर बड़ी मात्रा में पटाखे और विस्फोटक सामग्री रखी गई थी। लाइसेंस होने के बावजूद यह सामग्री नियमों के खिलाफ रिहायशी मकान में जमा की गई थी, जो हादसे की बड़ी वजह मानी जा रही है।
धमाके की आवाज सुनते ही आसपास के घरों से लोग बाहर निकल आए। आग की तेज लपटों और लगातार हो रहे छोटे-छोटे विस्फोटों ने दहशत का माहौल बना दिया। लोग अपने परिवारों को लेकर सुरक्षित जगहों की ओर भागते नजर आए। कुछ देर के लिए पूरा इलाका जैसे थम सा गया।
रीवा अस्पताल में इलाज जारी
हादसे के वक्त घर में मौजूद चार लोग आग की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गए। उन्हें तुरंत बाहर निकालकर प्राथमिक मदद दी गई। विस्फोट और आग इतनी तेज थी कि अंदर फंसे लोगों को निकालना भी चुनौती बन गया। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल भेजा गया। सूचना मिलते ही नगर परिषद की दमकल टीम मौके पर पहुंची। आग पर काबू पाने के दौरान एक फायरमैन भी झुलस गया। लगातार विस्फोट के खतरे के बीच दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग को नियंत्रित किया, तब जाकर राहत की सांस ली गई।
सभी घायलों को रीवा के संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, दो घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें विशेष निगरानी में रखा गया है। गंभीर रूप से झुलसे लोगों की पहचान महबूब रजक और राहुल खान के रूप में हुई है।
जांच में जुटा प्रशासन
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रारंभिक जांच में अवैध और असुरक्षित भंडारण को हादसे की अहम वजह माना जा रहा है। अब यह जांच की जा रही है कि व्यापारी ने लाइसेंस की शर्तों और सुरक्षा नियमों का पालन किया था या नहीं। इस हादसे ने एक बार फिर रिहायशी इलाकों में विस्फोटक सामग्री के भंडारण पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन की अगली कार्रवाई पर पूरे इलाके की नजरें टिकी हैं, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
