नए साल 2026 की पहली सुबह MP में जश्न नहीं, श्रद्धा की तस्वीर लेकर आई। आधी रात तक संगीत, आतिशबाजी और पार्टियों में डूबा प्रदेश, सुबह होते ही मंदिरों की ओर उमड़ पड़ा। लोगों ने नए साल की शुरुआत भगवान के दर्शन और आशीर्वाद से करने को प्राथमिकता दी, जिससे प्रदेश भर के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भारी भीड़ देखने को मिली। उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर में अलसुबह से ही दर्शनार्थियों की लंबी कतारें लग गईं। सुबह 9 बजे तक करीब 80 हजार श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन कर चुके थे, जबकि यह आंकड़ा लगातार बढ़ता रहा। मंदिर परिसर, महाकाल लोक और आसपास की सड़कों पर सिर्फ “जय महाकाल” की गूंज सुनाई दे रही थी।
महाकाल मंदिर में आम श्रद्धालुओं के साथ खास मेहमानों की मौजूदगी भी रही। विश्वकप विजेता महिला क्रिकेट टीम की सदस्य ने भी बाबा महाकाल के दर्शन कर नए साल के लिए आशीर्वाद लिया। उनके पहुंचने से मंदिर परिसर में उत्साह का माहौल और बढ़ गया।
तीर्थ रहे हाउसफुल
उज्जैन ही नहीं, ओंकारेश्वर, ओरछा, मैहर, नलखेड़ा और देवास जैसे धार्मिक स्थलों पर भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ नजर आई। कहीं ज्योतिर्लिंग के दर्शन हो रहे थे, तो कहीं शक्ति पीठों में जयकारों के साथ नए साल की कामनाएं की जा रही थीं। कई स्थानों पर सुबह से ही विशेष पूजन और आरती का आयोजन हुआ। राजनीति से जुड़ी हस्तियां भी नए साल की शुरुआत आध्यात्मिक अंदाज में करती नजर आईं। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने परिवार के साथ शिर्डी यात्रा पर हैं। उन्होंने साईं बाबा के दरबार में नए साल के लिए प्रदेश और देश की खुशहाली की कामना की।
आधी रात तक जश्न
2025 की विदाई और 2026 के स्वागत के लिए प्रदेश के शहरों में देर रात तक न्यू ईयर सेलिब्रेशन चला। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन से लेकर पचमढ़ी और मांडू तक होटल, सड़कें और पर्यटन स्थल जश्न में डूबे रहे। ठीक रात 12 बजे “हैप्पी न्यू ईयर” के शोर से आसमान गूंज उठा। नए साल की इस तस्वीर ने साफ कर दिया कि मध्यप्रदेश में उत्सव और आस्था साथ-साथ चलते हैं। रात भर की चकाचौंध के बाद सुबह मंदिरों में उमड़ी भीड़ ने यह संदेश दिया कि नए साल की सबसे मजबूत शुरुआत विश्वास और भक्ति से ही होती है।
