दिल्ली में फरवरी 2020 में हुए साम्प्रदायिक दंगों का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का एक फेसबुक पोस्ट, जिसमें उन्होंने दंगे के आरोपी उमर खालिद को बेकसूर बताया है। दिग्विजय ने लिखा, “उमर खालिद निर्दोष है। उसके साथ बहुत अन्याय हो रहा है। वह PhD स्कॉलर है और किसी भी मायने में राष्ट्रद्रोही नहीं है। उसे तुरंत रिहा किया जाना चाहिए।”
दिग्विजय का यह बयान सामने आते ही बीजेपी नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी। भोपाल के विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि दिग्विजय सिंह को न भारत की चिंता है, न हिंदुस्तानियों की। कभी उमर खालिद की फिक्र, तो कभी ओसामा को ‘जी’ बोलते हैं। ऐसे लोगों को पाकिस्तान जाकर बस जाना चाहिए।
बीजेपी ने साधा निशाना
रामेश्वर शर्मा ने कहा, “हमें तो कभी-कभी लगता है कि दिग्विजय सिंह का आचरण भारतीय नहीं, विदेशी टाइप का है। इन्हें भारत की न्यायपालिका पर भरोसा नहीं, और आतंकियों के लिए दया भाव रखते हैं।” उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि दिग्विजय सिंह के मन में आतंकियों के प्रति “अगाध श्रद्धा” है। “जो अफजल गुरु जैसे लोगों को ‘गुरुजी’ बोलते हों, वो देशभक्ति का सबक नहीं सिखा सकते,” शर्मा ने कहा। उन्होंने कांग्रेस नेताओं से भी अपील की, “जब तक दिग्विजय सिंह पार्टी में रहेंगे, वो कांग्रेस को बर्बाद करके ही छोड़ेंगे।”
कौन हैं उमर खालिद?
उमर खालिद का जन्म 11 अगस्त 1987 को हुआ था। उन्होंने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से इतिहास में एमफिल और PhD की है। छात्र राजनीति में सक्रिय रहते हुए वे Democratic Students’ Union (DSU) से जुड़े रहे और कई सामाजिक व शैक्षिक आंदोलनों में भाग लिया। फरवरी 2020 में दिल्ली के उत्तर-पूर्वी इलाकों में हुए दंगों में 50 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। इसी मामले में उमर खालिद पर UAPA (Unlawful Activities Prevention Act) के तहत गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इसके साथ ही IPC की धाराओं में दंगा, हत्या, हत्या का प्रयास और सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाने जैसे आरोप भी दर्ज हैं।
उमर खालिद बेकसूर है उसके साथ बहुत अन्याय हो रहा है। PhD स्कॉलर है और किसी मापदंड में राष्ट्रद्रोही नहीं है। उसे तत्काल रिहा किया जाना चाहिए। @INCIndia @RahulGandhi https://t.co/RMUKENKMpJ
— Digvijaya Singh (@digvijaya_28) November 2, 2025
चार्जशीट में शामिल अन्य नाम
मुख्य आरोपपत्र में JNU की छात्राओं देवांगना कलिता, नताशा नरवाल, जामिया के छात्र आसिफ इकबाल तन्हा, कार्यकर्ता गुलफिशा फातिमा, कांग्रेस पार्षद इशरत जहां, AAP पार्षद ताहिर हुसैन समेत कई नाम शामिल हैं। उमर खालिद को सितंबर 2020 में गिरफ्तार किया गया था और तब से वह जेल में है। अदालत में उनके खिलाफ मुकदमे लंबित हैं, इसीलिए उन्हें अभी तक नियमित जमानत नहीं मिल पाई है। दिग्विजय सिंह का यह बयान ऐसे वक्त में आया है जब मामला कोर्ट में है और उनके इस बेकसूर वाले कमेंट ने एक बार फिर राजनीति में बवंडर खड़ा कर दिया है।
