MP में जैसे ही घड़ी ने रात 12 बजाए, वैसे ही नए साल का जश्न शुरू हो गया। शहरों से लेकर पर्यटन स्थलों तक उत्साह साफ नजर आया। कहीं डीजे की धुनें गूंजीं, तो कहीं घंटियों और मंत्रोच्चार के साथ नए साल का स्वागत हुआ। ठंड के बावजूद लोगों का जोश कम नहीं हुआ और पूरा प्रदेश अलग-अलग रंगों में रंगा दिखा। न्यू ईयर सेलिब्रेशन के लिए पचमढ़ी, मांडू और हनुवंतिया पूरी तरह सजे नजर आए। हिल स्टेशन पचमढ़ी में नॉन-स्टॉप इवेंट्स चले और देर रात तक सैलानी जश्न में डूबे रहे। वहीं प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व के कोर और बफर जोन पूरी तरह बुक रहे, जिससे जंगल सफारी का क्रेज भी चरम पर दिखा।
जश्न के साथ आस्था का रंग भी उतना ही गहरा रहा। उज्जैन के महाकाल मंदिर, ओंकारेश्वर, भोजपुर शिव मंदिर, सांची और खजुराहो जैसे ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों पर लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान लगाया गया। गुना के श्री हनुमान टेकरी मंदिर को खास लाइटिंग से सजाया गया, जहां एक जनवरी को बड़ी संख्या में भक्तों के आने की संभावना है।
MP में नाइट पार्टियों का जोर
भोपाल और इंदौर में नए साल की सबसे बड़ी नाइट पार्टियां देखने को मिलीं। क्लब, बार और होटलों में एडवांस बुकिंग पहले से ही फुल थी। कड़ाके की ठंड के बीच भी युवा देर रात तक जश्न मनाते रहे। झीलों की नगरी भोपाल के पिकनिक स्पॉट्स भी सैलानियों से गुलजार नजर आए। कुछ शहरों में नए साल को शोरगुल से अलग अंदाज में मनाया गया। उज्जैन में ‘बजरंग बीट्स’ कार्यक्रम के जरिए युवाओं को मानसिक शांति और सकारात्मक सोच का संदेश दिया गया। खजुराहो में आदिवर्त संग्रहालय के स्थापना दिवस पर रामलीला का मंचन हुआ, जहां लोग पार्टियों की बजाय सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लेते दिखे।
सुरक्षा व्यवस्था रही मुस्तैद
नए साल की रात को देखते हुए पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड में रहा। जबलपुर में 55 से ज्यादा चेकिंग पॉइंट बनाए गए और शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर सख्ती की गई। रतलाम में भी पुलिस ने सड़कों पर उतरकर हुड़दंगियों पर नकेल कसी। जश्न के बीच ऑनलाइन ऑर्डर का भी नया रिकॉर्ड बना। भोपाल में डिलीवरी बॉय देर रात तक ऑर्डर पहुंचाने में जुटे रहे। कुल मिलाकर मध्यप्रदेश ने नए साल का स्वागत उत्सव, आस्था, संस्कृति और सुरक्षा चारों के संतुलन के साथ किया।
