MP में लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाए जाने वाले भवन अब पर्यावरण अनुकूल और ऊर्जा दक्ष बनाए जाएंगे। राज्य सरकार ने विभागीय निर्माण कार्यों में ‘ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट’ को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है। इसी दिशा में गुरुवार को राजधानी भोपाल के रवीन्द्र भवन में मध्यप्रदेश भवन विकास निगम की ओर से एक दिवसीय बिल्डिंग कैपेसिटी वर्कशॉप सह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह करेंगे। कार्यशाला में विभागीय अधिकारियों, इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों की भागीदारी रहेगी। आयोजन का उद्देश्य भवन निर्माण की गुणवत्ता, पारदर्शिता और आधुनिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देना है।
MP में सरकारी भवन होंगे ‘ग्रीन’
कार्यशाला के दौरान निर्माण क्षेत्र में नवाचार, लागत नियंत्रण, टिकाऊ निर्माण सामग्री के उपयोग और गुणवत्ता मानकों पर विस्तृत चर्चा होगी। विशेषज्ञ ऊर्जा बचत, वर्षा जल संचयन, प्राकृतिक रोशनी और वेंटिलेशन जैसे ग्रीन फीचर्स को सरकारी भवनों में शामिल करने के मॉडल प्रस्तुत करेंगे।
कार्यक्रम की एक प्रमुख उपलब्धि परियोजना प्रबंधन प्रणाली पोर्टल–2.0 की शुरुआत होगी। यह पोर्टल विभागीय निर्माण परियोजनाओं की निगरानी के लिए तैयार किया गया है। इसमें हर परियोजना से जुड़े जिम्मेदार अधिकारी, निर्धारित समय-सीमा और स्वीकृति की स्थिति दर्ज रहेगी।
पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी
नई प्रणाली के तहत किसी भी परियोजना को अगले चरण में ले जाने से पहले पूर्व स्वीकृति और सभी रिकॉर्ड पूर्ण होना अनिवार्य रहेगा। इससे काम में देरी और अनियमितताओं पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। विभाग का मानना है कि डिजिटल मॉनिटरिंग से निर्माण कार्यों की गति और गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा।
सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में अधिक से अधिक सरकारी भवन ऊर्जा कुशल और पर्यावरण अनुकूल हों। ग्रीन बिल्डिंग मानकों को अपनाने से न केवल बिजली और पानी की बचत होगी, बल्कि कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी।
