भोपाल के अनंतपुरा कोकता इलाके में छह एकड़ से अधिक सरकारी जमीन पर कथित कब्जे को लेकर सोमवार को गोविंदपुरा तहसीलदार सौरभ वर्मा के सामने फिर से पेशी होगी। यह उन लोगों के लिए निर्धारित है जिन्होंने 18 सितंबर को जवाब नहीं दिए थे। प्रशासन इस पेशी के बाद आगे की कार्रवाई तय करेगा।
हाईकोर्ट में राहत नहीं
कुछ लोगों ने पहले ही हाईकोर्ट में जमीन के सीमांकन पर स्टे की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने उन्हें राहत नहीं दी। इस बीच, लोगों ने अपने जमीन से जुड़े सभी रिकॉर्ड पेश किए और बताया कि उनका जमीन नामांतरण, सीमांकन और बटांकन प्रशासन द्वारा ही कराया गया था। अब उन्हें अवैध कब्जाधारियों के रूप में क्यों देखा जा रहा है, यह वे न्याय संगत नहीं मानते।
नोटिस
इस मामले में नोटिस प्राप्त करने वालों में छोटे लाल, बलवीर मेहरा, शुभम राय, ममता मिश्रा, शिवांक स्वामी, आरएस परिहार, रेखा कात्यवार, तेजपाल सिंह राजपूत, राहुल साहू, उमाशंकर, कमलेश, भरत लोधी, नर्बदा प्रसाद, धीरज सिंह चौहान, सुशीला लोधी, रिजवान मोहम्मद, अजय गुप्ता, रामकृष्ण खांडवे, अमिताभ वर्मा सहित अन्य कई लोग शामिल हैं।
कब्जे का स्वरूप
सीमांकन रिपोर्ट के अनुसार, डायमंड सिटी कॉलोनी में 20 मकान, एक प्राइवेट स्कूल, शादी हॉल/रिसोर्ट, एक एकड़ खेती, फॉर्म हाउस और पक्का निर्माण अवैध पाए गए। इसके अलावा कॉलोनी के गेट, सड़क, पार्क, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और पेट्रोल पंप भी सरकारी जमीन पर बने हैं। बायपास का 200 फीट हिस्सा भी पशुपालन विभाग की जमीन पर है।
प्रक्रिया और पेशी
27 अगस्त को गोविंदपुरा एसडीएम और तहसीलदार की मौजूदगी में 11 पटवारी और तीन राजस्व निरीक्षकों ने सीमांकन शुरू किया था। तीन दिन के भीतर सीमांकन पूरा हुआ और रिपोर्ट एसडीएम व तहसीलदार को दी गई। 8-9 सितंबर को चिन्हित कब्जाधारियों को नोटिस भेजे गए, जिसमें 10 दिन की मोहलत दी गई थी। 18 सितंबर को कई लोगों ने अपना जवाब पेश किया, जबकि कुछ लोग 22 सितंबर को प्रस्तुत कर सकेंगे।
मछली परिवार का जुड़ाव
34 साल बाद पशुपालन विभाग के जमीन सीमांकन के पीछे भोपाल के मछली परिवार पर कार्रवाई भी प्रमुख कारण है। इस परिवार के दो सदस्य ड्रग्स और रेप केस में जेल में हैं। प्रशासन ने जुलाई और अगस्त में सात बड़े अवैध निर्माण जमींदोज किए, जिनकी कीमत सवा सौ करोड़ रुपए आंकी गई।
